मध्यप्रदेश के ग्वालियर में जन्मे ख्यात कवि गजानन माधव मुक्तिबोध के जन्मदिन (13 नवंबर) पर उनकी रची कविता के साथ श्रद्धासुमन : आँधी के झूले पर झूलो आग बबूला बन कर फूलो कुरबानी करने को झूमो लाल सबेरे का मुँह चूमो ऐ इंसानों ओस ना चाटो अपने हाथों पर्वत काटो पथ की नदियाँ खींच निकालो जीवन पीकर प्यास बुझा लो रोटी तुमको राम ना देगा वेद तुम्हारा काम ना देगा जो रोटी का युद्ध करेगा वह रोटी को आप वरेगा। गजानन माधव मुक्तिबोध