Hindi Poems %e0%a4%b5%e0%a4%b9 %e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80 %e0%a4%b9%e0%a5%88 %e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b6 110122900066_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

वह करती है कोशिश

सुनीता भाटिया

Advertiesment
सुनीता भाटिया
ND
वह करती है कोशिश
अपनी मुट्‍ठी में
कैद करने की
बरसात की बूँदों को।
चाहती है
आर्द्र होकर इनसे
सूखापन जिंदगी का
कहीं, कभी तो
नम हो जाए।
वह
सुबह-सुबह
पत्तों पर पड़े
ओस के कणों को
देखकर सोचती है
कहीं, कभी तो
इनकी
ठंडक
हृदय की परतों पर
पड़कर, छनकर
दूर करे
मन की जलन।
वह छानती है
धूप की किरणों में
webdunia
ND
अपने सुख-दुख के कण
और बीनती है
सुखों के कंकड़
उन कंकड़ों को भी वह
छिटका देती है दूर
कि, नन्ही चिड़िया
आस लगाए बैठी है
और देख रही है
उसके कणों को
टुकुर-टुकर।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi