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सभी के जवाब छोड़ गया
-सैयद सादिक अली
शरीफ चोर था कुछ तो जनाब छोड़ गयाकबाब खा गया लेकिन शराब छोड़ गयाजो रास्ते में बहुत मेहरबान था मुझ परसफर के अंत में सारा हिसाब छोड़ गयापढ़ीं तो निकलीं कविताएं अर्थहीन सभीवह अपनी याद में ऐसी किताब छोड़ गयामुकदमे, कर्जे, रहन-जायदाद के झगड़ेमरा तो देखिए क्या-क्या नवाब छोड़ गयासवाल जितने उठाए थे पत्रकारों नेवह गोल-मोल सभी के जवाब छोड़ गया।