Hindi Poems %e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%87 %e0%a4%9f%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87 %e0%a4%9c%e0%a4%ac %e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%b0 %e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%87 %e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82 112072700021_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

सारे टुकड़े जब बिखर जाते हैं...

- रश्मि भार्गव

Advertiesment
हिन्दी कविता
WD
पीठ पर वजन है
हाथ दोनों बंधे हैं
और आपका पत्‍थर
मेरी तरफ ही उठा है

नदी बह रही है
अपनी आंखों में
हंसती हुई
हवा भी चल रही है
अपनी ही मुस्कुराहट में
फैलती हुई
बस यहीं से
मैंने नदी और हवा
बनना शुरू कर दिया है

पत्ते झर रहे हैं
झर-झर
फूलों का गुलदस्ता
महक रहा है
गुन-गुन करता
दिशा के कोने में नारंगी
सूरज दिल खोल रहा है
वहीं इस झर-झर
और
गुन-गुन
और खुलने के बीच के
अन्तर का
अहसास समझ आया है

मैं और तुम
ऊपर नीला आकाश
चहलकदमी करता हुआ
नीचे धरती बिछती हुई
तब भीगने का
बहुत मन किया

पत्थरों के साथ
जब चलते हैं
तो सख्त अहसास
उगते हैं
पहाड़ों की ऊंचाई
से टकराते हैं
तो ऊंचाई की
ओर कदम बढ़ाते हैं
जीवन से जब
आमना-सामना होता है
तभी जीवन की
विषमता से
मिलना होता है....

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi