Hindi Stories %e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%a4 107042700048_1.htm

Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

कीमत

Advertiesment
हमें फॉलो करें भाषण शिक्षा विद्वान आत्मविश्वास
- सुरेश चिपलूनक

एक बार एक सभा में एक विद्वान भाषण दे रहे थे। और उन्होंने लोगों को एक शिक्षा देने वाली बात सोची, उन्होंने एक पांच सौ रुपए का नोट हाथ में लेकर उपस्थित लोगों से पूछा- 'जो इस नोट को लेने के इच्छुक हों, वे अपने हाथ उठाएँ, तत्काल सभी हाथ उठ गए।

उन्होंने उस नोट को बुरी तरह से मोड़-मरोड़ दिया, और पूछा, 'अब भी किसी को यह नोट चाहिए? सभी के हाथ पुनः उठे। उन्होंने उस नोट को जमीन पर फेंक कर उसे बुरी तरह से मिट्टी में जूते से रगड़ दिया और फिर पूछा- 'अब लगभग सभी हाथ वैसे ही उठे।

लोगों को कुछ समझ में नहीं आ रहा था, आखिर विद्वान क्या चाहते थे। उस नोट को करीने से उठा कर विद्वान ने उसकी धूल साफ की, उसे सीधा किया और जेब में रख लिया।

विद्वान आगे बोले, आज आप लोगों ने एक महत्वपूर्ण सबक सीखा है, वह ये कि मनुष्य के जीवन में भी कई बार ऐसे अवसर आते हैं, जब परिस्थितियाँ उसे तोड़ मरोड़ देती हैं, अपने बेगानों द्वारा जाने-अनजाने वह जमीन पर फेंका जाता है, वक्त की मार से कभी कुचला भी जाता है

यदि उसे अपनी 'कीमत' पर विश्वास है, तो उसकी कीमत वही रहेगी, कीमत से मेरा आशय स्वयं की उपयोगिता, महत्व और श्रेणी से है, इसलिए यदि अपने आप पर विश्वास है, तो तुम्हारी कीमत सिर्फ तुम्हीं लगा सकते हो और फिर चाहे तुम कितने ही दबे, रगड़े, कुचले, गंदे हो जाओ, तुम्हारी कीमत को पहचानने वाला मिल ही जाएगा।

इसलिए अतीत की परछाइयों को अपने भविष्य के उजाले की राह में न आने दो। बात सिर्फ आत्मविश्वास की है।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi