Publish Date: Mon, 29 Feb 2016 (14:31 IST)
Updated Date: Mon, 29 Feb 2016 (14:32 IST)
कैथोलिक चर्च में बाल यौन उत्पीड़न का खुलासा करने वाले पत्रकारों की कहानी बयां करती ‘‘स्पॉटलाइट’’ को 88वें अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला जबकि लियोनार्डो डिकैप्रियो ने सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार अपने नाम किया। इस समारोह के मेजबान क्रिस रॉक ने अपनी व्यंग्यात्मक शैली में हॉलीवुड में नस्लवाद पर टिप्पणियां की।
इस वर्ष जॉर्ज मिलर की ‘‘मैड मैक्स: फ्यूरी रोड’’ ने तकनीकी श्रेणियों में छह पुरस्कार जीतकर अपना परचम लहराया। फिल्म को एडिटिंग, प्रोडक्शन डिजाइन, साउंड एडिटिंग, साउंड मिक्सिंग, कॉस्ट्यूम और मेकअप एंड हेयरस्टाइल श्रेणियों में छह पुरस्कार मिले।
टॉम मैकार्थी के निर्देशन में बनी ‘‘स्पॉटलाइट’’ को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला और इसी फिल्म के लिए जोश सिंगर और मैकार्थी को सर्वश्रेष्ठ मौलिक पटकथा का पुरस्कार मिला।
काफी लंबे समय से ऑस्कर पुरस्कार जीतने का इंतजार कर रहे डिकैप्रियो की ख्वाहिश इस बार पूरी हुई। उन्हें ‘‘द रेवनैंट’’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्होंने इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उठाया।
41 वर्षीय डिकैप्रियो ने अपने लंबे भाषण में कहा, ‘‘..पर्यावरण में बदलाव असलियत है। यह अब हो रहा है। हमारी पूरी मानव जाति जिस सबसे बड़े खतरे का सामना कर रही है, वह जलवायु परिवर्तन है और हमें मिलकर काम करने की आवश्यकता है..।’’
मेक्सिको के निर्देशक एलेजांद्रो इनारितु को ‘‘द रेवनैंट’’ के लिए लगातार दूसरे साल ऑस्कर मिला। इससे पहले उन्हें ‘‘बर्डमैन’’ के लिए ऑस्कर पुरस्कार से नवाजा गया था। उन्होंने पुरस्कार स्वीकार करते समय विविधता के मामले को उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बहुत सौभाग्यशाली हूं कि मैं आज यहां हूं लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण रूप से कई अन्य लोगों का भाग्य ऐसा नहीं है..।’’
इनारितु ने कहा, ‘‘इसलिए हमारी पीढ़ी के पास एक अच्छा मौका है कि हम स्वयं को सभी प्रकार के पूर्वाग्रहों से वास्तव में आजाद करें और हमेशा के लिए यह सुनिश्चित करें कि चमड़ी का रंग उसी तरह अप्रासंगिक हो जाए जिस प्रकार हमारे बालों की लंबाई।’’ फिल्म को सर्वश्रेष्ठ सिनेमैटोग्राफी के लिए तीसरा ऑस्कर मिला।
‘‘रूम’’ में शानदार अभिनय करने के लिए ब्री लार्सन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। उन्होंने पुरस्कार स्वीकार करते हुए सभी को धन्यवाद दिया।
सर्वश्रेष्ठ सह अभिनेत्री और सह अभिनेता का पुरस्कार क्रमश: एलिसिया विकंदर (द डैनिश गर्ल) और मार्क रेलांस (ब्रिज ऑफ स्पाइज) को मिला।
ऑस्कर का बहिष्कार करने के दबाव के बावजूद मेजबानी करने आए रॉक ने हॉलीवुड में नस्लीय भेदभाव के मुद्दे को ही नहीं उठाया बल्कि उन्होंने अश्वेतों के खिलाफ पुलिस की बर्बरता पर भी बात की।
एडम मैके और चार्ल्स रैनडोल्फ को ‘‘बिग शार्ट’’ के लिए अडाप्टेड स्क्रीनप्ले वर्ग में पुरस्कृत किया गया। यह फिल्म माइकल लुइस की पुस्तक पर आधारित है। ‘‘सन आफ साउल’’ को सर्वश्रेष्ठ विदेशी फिल्म का ऑस्कर मिला।
हालांकि भारत अंतिम वर्गों में स्थान नहीं बना पाया लेकिन अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने देश का नेतृत्व किया जिन्होंने लीव श्रीबर के साथ सर्वश्रेष्ठ एडिटिंग का ऑस्कर पेश किया।
भारतीय मूल के ब्रितानी फिल्मकार आसिफ कपाड़िया की ‘एमी’ को सर्वश्रेष्ठ डॉक्यूमेंट्री के लिए ऑस्कर पुरस्कार मिला। यह डॉक्यूमेंट्री गायिका एमी वाइनहाउस की जिंदगी और महज 27 साल की उम्र में उनकी त्रासदीपूर्ण मौत की तीखी पड़ताल करती है।
एनिमेटिड लघु फिल्म श्रेणी में नामित एक अन्य भारतीय-अमेरिकी संजय पटेल को ‘‘बियर स्टोरी’’ के हाथों यह पुरस्कार गंवाना पड़ा।
पाकिस्तानी फिल्मकार शरमीन ओबैद को ‘‘ए गर्ल इन द रिवर: द प्रिंस ऑफ फोरगिवनेस’’ के लिए दूसरी बार पुरस्कार मिला। उन्होंने इससे पहले तेजाब हमला पीड़ितों की कहानी बयां करने वाली ‘‘सेविंग फेस’’के लिए 2011 में ऑस्कर जीता था।
सैम स्मिथ को बॉन्ड फिल्म ‘स्पेक्टर’’ के गीत ‘‘राइटिंग्स ऑन द वाल’’ के लिए सर्वश्रेष्ठ मौलिक गीत और ‘‘द हेटफुल एट’’ को मौलिक स्कोर का पुरस्कार मिला। स्मिथ ने अपने भाषण में एनजीबीटी के अधिकारों की बात की।
सर्वश्रेष्ठ एनिमेटिड फिल्म का ऑस्कर ‘‘इनसाइड आउट’’ के खाते में गया। ‘‘शटरर’’ को सर्वश्रेष्ठ लाइव एक्शन लघु फिल्म और ‘‘एक्स मशीना’’ को सर्वश्रेष्ठ विजुअल इफेक्ट्स का पुरस्कार मिला।
इस समारोह में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जो बाइडेन ने भाग लिया। उन्होंने ‘‘द हंटिंग ग्राउंड’’ के गीत ‘‘टिल इट हैप्पंस टू यू’’ पर लेडी गागा की प्रस्तुति से पहले उन्हें मंच पर आमंत्रित किया।
ऑस्कर के मंच पर सितारों ने विविधता, जलवायु पविर्तन और एलजीबीटी अधिकारों जैसे मुद्दों को उठाया।