ईशान क्षेत्र जल का क्षेत्र होता है। इस तरफ रसोईघर का होना अथवा इस तरफ अग्नि का नित्य प्रज्ज्वलन करना उस घर के प्रमुख सहित सबको अनेक प्रकार की व्याधियाँ प्रदान करता है। विशेष रूप से पेट, किडनी व हड्डियों के रोग होते हैं। धन की भी हानि होती है।
घर के ईशान क्षेत्र को भी खुला होना चाहिए। पूर्ण खुला ना रह सके तो कम से कम इस तरफ की खिड़कियाँ तो होनी ही चाहिए। यदि यह क्षेत्र बंद रहता है तो घर में ऋणात्मकता आती है।