Publish Date: Mon, 15 May 2023 (11:22 IST)
Updated Date: Mon, 15 May 2023 (11:25 IST)
Maa bhadrakali beej mantra : दश महाविद्याओं में से एक और प्रथम माता काली के कई रूप में जिसमें से एक रूप है भद्रकाली। मां भद्रकाली की जयंती ज्येष्ठ माह की एकादशी को मनाई जाती है। भद्रकाली का शाब्दिक अर्थ है अच्छी काली, जिनकी पूजा मुख्यतः दक्षिण भारत में होती है। मां भद्रकाली की पूजा करने से हर कार्य और क्षेत्र में सफलता और विजय प्राप्त होती है।
कौन है भद्रकाली : महाभारत शान्ति पर्व के अनुसार यह पार्वती के कोप से उत्पन्न दक्ष के यज्ञ की विध्वंसक देवी हैं। यह भी कहते हैं कि देवी भद्रकाली देवी सती की मृत्यु के पश्चात् भगवान शिव के बालों से प्रकट हुई थीं।
स्पेशल मंत्र: ॐ हौं भद्रकाली महाकाली किलिकिलि फट् स्वाहा॥
भद्रकाली माता की स्तुति :
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।
भद्रं मंगलं सुखं वा कलयति स्वीकरोति भक्तेभ्योदातुम् इति भद्रकाली सुखप्रदा- जो अपने भक्तों को देने के लिए ही भद्र सुख या मंगल स्वीकार करती है, वह भद्रकाली है।
नमो देव्यै महादेव्यै शिवायै सततं नम:।नम: प्रकृत्यै भद्रायै नियता: प्रणता: स्मताम्।।
ॐ काली महा काली भद्रकाली कपालिनी दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तुते
देवी को नमस्कार है, महादेवी को नमस्कार है। महादेवी शिवा को सर्वदा नमस्कार है। प्रकृति एवं भद्रा को मेरा प्रणाम है। हम लोग नियमपूर्वक जगदम्बा को नमस्कार करते हैं।