Publish Date: Thu, 28 Dec 2023 (09:16 IST)
Updated Date: Thu, 28 Dec 2023 (09:26 IST)
Indore News: इंदौर में लूट (robbery) का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। इसमें चंदन नगर (Chandan Nagar) थाने के पुलिसकर्मी ही लुटेरे निकले। इस लूट कांड के बाद के एक थाने के 2 सिपाहियों को बस चालक से 14 लाख रुपए लूट की पुलिस अधिकारियों ने ऐसी सजा दी है कि वह पुलिस विभाग में एक नजीर बनेगी। इन दोनों सिपाहियों को सेवा से बर्खास्त किया जाएगा और विभागीय जांच बैठा दी गई है।
लूट में शामिल होने वाले सिपाहियों की शिनाख्त के लिए पुलिस अधिकारियों ने पूरे थाने के स्टाफ को कतारबद्ध खड़ा कराकर परेड़ कराई और पुष्टि होते ही अधिकारियों ने चंदननगर थाने के दोनों सिपाहियों की तत्काल वर्दी उतरवाई और गिरफ्तार कर हवालात में डलवा दिया।
डीसीपी अभिनय विश्वकर्मा का कहना है कि दोनों सिपाहियों को सेवा से बर्खास्त किया जाएगा और विभागीय जांच बैठा दी गई है। लूटे गए रुपए की बरामदगी के लिए दोनों सिपाहियों की रिमांड मांगी गई है। डीसीपी जोन-4 आरके सिंह के मुताबिक चंदननगर थाने के सिपाही योगेश सिंह चौहान और दीपक यादव को गिरफ्तार किया है।
यह पूरा मामला बीती 23 दिसंबर का है। इन दोनों सिपाहियों ने एक बस को रोका और चालक नरेन्द्र तिवारी से 14 लाख रुपए से भरा पार्सल छीन लिया। दोनों ने चालक को धमकाते हुए कहा था कि पार्सल की जांच की जाएगी। इसके लिए पार्सल की थाने ले जाकर जब्ती दर्शाना है। इसके बाद दोनों सिपाहियों ने रुपए आपस में बांट लिए। मंगलवार को टीआई इंद्रमणि पटेल ने बस चालक नरेन्द्र तिवारी को पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने कहा कि रुपए तो पुलिस वालों ने लूटे हैं।
दरअसल, पुलिस ने स्कीम-51 निवासी अंकित जैन की शिकायत पर बस चालक नरेन्द्र तिवारी के खिलाफ हेराफेरी का केस दर्ज करवाया था। अंकित के कर्मचारी भाविक ने पार्सल चालक नरेन्द्र को दिया था। उसे यह पार्सल अहमदाबाद के कन्हैयालाल पटेल को सौंपना था। पार्सल नहीं पहुंचने पर अंकित ने चंदननगर थाने में चालक नरेन्द्र तिवारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इसी कड़ी में मंगलवार को चालक नरेन्द्र से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने दोनों पुलिसकर्मियों के नाम बताए। यह भी कहा कि वह तो अहमदाबाद पार्सल पहुंचाने जा रहा था जिसे पुलिसकर्मियों ने छीन लिया।
इस पर एडिशनल डीसीपी जोन-4 अभिनय विश्वकर्मा थाने पहुंचे और पूरे स्टाफ की शिनाख्त परेड करवाई। चालक ने सिपाही दिनेश व योगेश को पहचान लिया। पुलिस ने महिला यात्री से भी पुष्टि की तो उसने कहा कि पुलिसकर्मियों ने करीब 20 मिनट तक बस की तलाशी ली थी। सख्ती करने पर सिपाही टूट गए और कहा कि गलती हो गई। कमिश्नर मकरंद देऊस्कर ने लूट की धारा लगाकर दोनों सिपाहियों की गिरफ्तारी करवा दी।
Edited by: Ravindra Gupta