रेती मंडी चौराहे पर धूल धक्कड़ से मिली निजात, हो रहा था लाखों का माल बर्बाद, अब नागरिकों और व्यापारियों ने ली राहत की सांस
वेबदुनिया ने प्रमुखता से उठाया था इस क्षेत्र का मुद्दा
Publish Date: Tue, 28 Jan 2025 (13:35 IST)
Updated Date: Tue, 28 Jan 2025 (14:02 IST)
इंदौर के एबी रोड पर रेती मंडी ब्रिज और यहां से गुजरने वाली सड़क शुरू होने से अब यहां के हजारों व्यापारियों और रहवासियों को धूल धक्कड़ से निजात मिल गई है। जब तक यहां निर्माण कार्य चलता रहा, तब तक यहां लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इस निर्माण कार्य के दौरान होने वाली लापरवाही को
वेबदुनिया ने प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद निर्माण कार्य में भी गति आई और इस दौरान उड़ने वाली धूल धक्कड़ को रोकने के भी माकूल इंतजाम किए गए थे।
अब हालांकि रेत मंडी के बनते ब्रिज के बाजू में सड़क के डामरीकरण होने से गुजरने वालों को बड़ी राहत मिली है।मुद्दा उठाने के लिए लोगों ने वेबदुनिया को दिया धन्यवाद। इसके निर्माण के लिए टीन शेड लगाया गया था, जिससे सड़क पूरी तरह से संकरी हो गई थी। आसपास वाहन चालकों के चलने के लिए जो जगह बची है, वो पूरी तरह से उखड़कर गिट्टी और मुरम में तब्दील हो गई थी। जिससे यहां 24 घंटे धूल का गुबार उड़ता रहता था।
राऊ और आसपास का इलाका क्यों है हासिये पर : बता दें कि राऊ और इसके आसपास के इलाके आमतौर पर हाशिए पर ही रहते हैं। इन इलाकों में खासतौर से राऊ जैसे लगातार बढ़ते और विकसित होते क्षेत्र में कई तरह की समस्याएं हैं, लेकिन शहर के मीडिया के लिए भी यह इलाके उपेक्षित हैं। इन क्षेत्रों की समस्याएं और लोगों की तकलीफें आमतौर पर मीडिया की खबरों से वंचित रह जाती हैं। समाचार पत्र और दूसरे माध्यम ज्यादातार इंदौर और इंदौर के प्रमुख क्षेत्रों में ही सक्रिय हैं। ऐसे में राऊ जैसे इलाके की समस्याओं से प्रशासन अवगत नहीं हो पाता है। यहां के नागरिकों का कहना है कि अगर मीडिया उनके पास आए तो उन्हें कई तरह की समस्याओं से अवगत कराया जा सकता है और हमारी तकलीफें दूर हो सकती हैं। क्षेत्र के विधायक मधू वर्मा ने बताया कि ऐसा नहीं है। हम और हमारी टीम लगातार क्षेत्र की समस्याओं को लेकर सतर्क हैं। अगर कोई समस्याएं लेकर आता है तो हम 100 प्रतिशत उसका समाधान करते हैं। यह क्षेत्र हमारी जिम्मेदारी है, लोगों को खुद को उपेक्षित नहीं समझना चाहिए। वैसे भी मैं रोजाना सुबह 9 से 11 घर पर लोगों की समस्याएं सुनने के लिए बैठक करता हूं।
वेबदुनिया ने उठाया मुद्दा और खुलकर बोले थे लोग, अब हुआ असर
धूल से बर्बाद हो रहा था लाखों का माल : इस इलाके में व्यापारी इस धूल धक्कड़ से परेशान थे। फर्नीचर की दुकान लगाने वाले किशन यादव ने बताया कि पिछले एक साल से पुल निर्माण की प्लानिंग चल रही थी। लेकिन अब तक काम शुरू नहीं हुआ है। इंजीनियर से पूछते थे तो वे कहते थे कि उन्हें नहीं पता। उन्हें जितना कहा जाता है, उतना कर देते हैं। उन्होंने बताया कि खुदी हुई सड़क से जो धूल उड़ रही है, उससे सारा माल बर्बाद हो रहा है। ग्राहकी कम हो गई है। सामान पर धूल ही धूल जमी है। जिससे लाखों रुपए का माल बर्बाद हो रहा था। अब काम पूरा होने से इस मुसीबत से निजात मिली।
छींक छींक कर हालत पस्त थी: इसी तरह दुकान संचालित करने वाली व्यापारी वैदिका शर्मा ने बताया कि पूरी दुकान धूल और मिट्टी से पट जाती थी। दिनभर मास्क लगाकर बैठना पड़ता था। छींक- छींककर हालत खराब हो गई। लोग सड़क से गुजर नहीं पाते थे, रेंग रेंगकर लोग चलते। गाडियों से पत्थर और गिट्टी उड़कर आसपास लगते थे। आए दिन लोग गिरते रहते थे। इसी तरह यहां के कई व्यापारियों के लिए सड़क की ये धूल मुसीबत बन गई। अब काम पूरा होने से निजात मिली।
Edited By: Navin Rangiyal