Publish Date: Wed, 16 Apr 2025 (18:31 IST)
Updated Date: Wed, 16 Apr 2025 (18:38 IST)
Kathak Mahotsav : भारतीय शास्त्रीय नृत्य कथक को समर्पित इंदौर की प्रतिष्ठित संस्था शिवांजली नृत्य वाटिका द्वारा आयोजित वार्षिक महोत्सव 'कथिका 2025' का आयोजन 13 अप्रैल, रविवार को मेडिकैप्स यूनिवर्सिटी के भव्य सभागार में अत्यंत भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं एमएस यूनिवर्सिटी, वडोदरा की सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रीति साठे दामले उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथिका 2025 में 500 से अधिक दर्शकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
महोत्सव की शुरुआत नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना से हुई, जिसके बाद नटराज स्तुति, ताल पक्ष, तीनताल, झपताल एवं शिव पंचाक्षर स्तोत्र की भावपूर्ण प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विशेष आकर्षण रहा एक विशेष प्रस्तुति जिसमें 20 माताओं ने भाग लिया। गुरु सुश्री प्रियंका वाघे द्वारा विशेष रूप से तैयार होरी पद पर आधारित इस सामूहिक नृत्य के लिए 30 से अधिक अभ्यास सत्रों का आयोजन किया गया था। यह प्रस्तुति दर्शकों के लिए अत्यंत भावुक एवं प्रेरणादायक क्षण रहा।
कार्यक्रम के दौरान कला के विस्तार में अपना जीवन समर्पित करने के लिए 2 कला विभूतियों को 'शिवांजली कला समर्पण सम्मान' से सम्मानित किया गया : 1. जयंत माधय भिसे, अध्यक्ष, सनंद न्यास व पूर्व निदेशक, उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी, भोपाल। उन्हें मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
2. डॉ. प्रीति साठे डामले, जयपुर घराने की सुप्रसिद्ध कथक नृत्यांगना एवं शिक्षिका, जिनका नृत्य और शिक्षण में योगदान अत्यंत सराहनीय रहा है। कथिका 2025 में 500 से अधिक दर्शकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। यह आयोजन शिवांजली नृत्य वाटिका के अथक प्रयासों और शास्त्रीय कलाओं के प्रति समर्पण का प्रतीक बनकर उभरा।
Edited By : Chetan Gour