Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

साल गुजर रहे, आप कब सुधरेंगे, आग, जाम, सड़क, पानी से गैस लीक तक, सब रामभरोसे, ये है इंदौर की बदहाली का आंखों-देखी

रामभरोसे 'स्‍वच्‍छता का सिरमौर, छद्म विकास की चकाचौंध के पीछे सिसकता इंदौर

Advertiesment
Indore
कहने को यह देश का सबसे स्वच्छ शहर है, स्वच्छता का छक्का लगाने वाला सिरमौर है। रोजना सुबह खुद को ‘स्‍वच्‍छता का गुरू’ बताकर गीत गाए जा रहे हैं, लेकिन चमचमाती पीली बसों, नाइट कल्चर के शोर और कंक्रीट के उड़ते गुबार के पीछे एक कड़वा सच सांस ले रहा है। इंदौर अब पूरी तरह 'रामभरोसे' है। साल पर साल गुजर रहे हैं, जनप्रधिनियों के वादे बदल रहे हैं, लेकिन नहीं बदली तो इंदौरियों की तकदीर।

सड़कें गड्ढों में तब्दील हैं या गड्ढे सड़कों में, यह पहचानना मुश्किल है। कभी पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचता है, तो कभी चंद घंटों की बारिश पूरे शहर को 'वेनिस' बना देती है, जहां नाले और वीआईपी सड़कें एक हो जाते हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि सड़कों पर रेंगता हुआ 'ट्रैफिक जाम' जनता के सब्र का इम्तिहान लेता है, तो दूसरी तरफ कभी आग का तांडव तो कभी रिहायशी इलाकों में गैस लीक का खौफ लोगों की सांसें अटका देता है।

पिलर खड़े करने से शहर स्मार्ट नहीं होता : मेट्रो के पिलर खड़े कर देने भर से कोई शहर स्मार्ट नहीं हो जाता। सच तो यह है कि बुनियादी सुविधाओं के मोर्चे पर इंदौर आज भी रेंग रहा है। आख़िर कब सुधरेगी यह व्यवस्था? कब तक जनता की जान और सहूलियत को इस तरह भगवान भरोसे छोड़ा जाएगा? यह रिपोर्ट खोखले दावों के बीच इंदौर की बदहाली और प्रशासनिक घोर लापरवाही की एक कड़वी आंखों-देखी है...

सत्यसाईं चौराहा हादसों का स्‍पॉट : सत्यसाईं चौराहे से विजय नगर की ओर से आने वाले वाहनों के लिए सर्विस रोड को इतना संकरा कर दिया गया है कि पीक ऑवर्स के दौरान यहां वाहनों को रेंग-रेंगकर चलने पर मजबूर होना पड़ता है। बची-खुची कसर सड़क पर अवैध रूप से पार्क होने वाली गाड़ियां पूरी कर रही हैं। यहां ड्रेनेज के चैंबर के ढक्कन गायब हैं और पेवर ब्लॉक पूरी तरह उखड़ चुके हैं। पहली ही बारिश में यहां जलजमाव होते ही ये खुले हुए ड्रेनेज चैंबर राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।

जहां खुदाई, वहीं सबसे ज्यादा परेशानी : मेट्रो, फ्लाईओवर, ब्रिज, पानी और ड्रेनेज लाइन प्रोजेक्ट के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें पहले से खुदी हुई हैं। बारिश ने इन इलाकों की परेशानी और बढ़ा दी। लक्ष्मी मेमोरियल हॉस्पिटल से अटल द्वार तक सड़क पर कीचड़ फैल गया। बापट चौराहा से आईएसबीटी तक निर्माणाधीन सर्विस रोड पर लोगों को भारी दिक्कत हुई। अमृत योजना के तहत खोदी गई कई कॉलोनियों की सड़कें भी पानी और कीचड़ से भर गईं।
webdunia

रेती मंडी आरओबी फिर उखड़ गया : रेती मंडी आरोबी पर वाहन चालकों को भयंकर परेशानी हो रही है। पहली बारिश में ही इसकी सड़कें पूरी तरह से उखड़ गईं हैं। सड़क पर सिर्फ रेत ही रेत बची है। दोपहियां वाहन चालक तो स्‍लीप होकर गिर रहे हैं। इतना ही नहीं, इस इलाके में दुकानें संचालित करने वाले दुकानदार भी धूल और वाहनों से उड़ने वाली गिट्टी से बेइंतहा परेशान हैं।

अब इसे लोग लंगड़ा ब्रिज कहते हैं : बता दें कि करीब 25 करोड़ रुपए के रेती मंडी ब्रिज का काम 5 साल में 15 इंजीनियरों ने देखा था। नक्शा बनने से लेकर तैयार होने के बाद रंग-रोगन तक सभी ने कई बार निरीक्षण किए गए, फाइलें देखीं, लेकिन एक चूक ऐसी की कि किसी को नजर नहीं आई। टर्न पर सिर्फ एक पिलर बना डाला, वह कैसे पूरे ब्रिज का लोड उठा सकता है। इस चूक के चलते इंदौर के लोग सोशल मीडिया में इसे लंगड़ा ब्रिज कहने लगे हैं।

क्‍या कहते हैं जिम्‍मेदार : इस क्षेत्र के विधायक मधू वर्मा ने बताया कि यह सारी समस्‍याएं मेरे संज्ञान में आई हैं, इसे लेकर में संबंधित विभाग और अधिकारियों से चर्चा करने वाला हूं। आम आदमी को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अभी बारिश की वजह से शायद कोई दिक्‍कत आई होगी, लेकिन फिर भी मैं यह सारी परेशानियां दिखवाता हूं।
webdunia

रिंग रोड पर सबसे ज्यादा परेशानी : रिंग रोड पर बंगाली चौराहा से खजराना और खजराना से रोबोट चौराहा तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सर्विस रोड पूरी तरह वाहनों से भर गई और कई जगह वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आए। खजराना चौराहे पर करीब दो फीट तक पानी भर गया। इसी दौरान एक कार पानी में बंद हो गई, जिससे पीछे लंबा जाम लग गया।

चौराहों पर जलभराव और भारी जाम : मानसून की शुरुआती तेज बारिश में शहर के कई प्रमुख चौराहों पर लगातार जाम लग रहा है। रोबोट चौराहा, बंगाली चौराहा, निपानिया, देवास नाका, रेडिसन, विजय नगर समेत बीस से अधिक प्रमुख स्थानों पर घंटों ट्रैफिक जाम लग रहा है। कई क्षेत्रों में दो से तीन फीट तक पानी भर रहा है। सड़कें तालाब जैसी नजर आने लगी हैं और वाहन चालक लंबे समय तक जाम में फंसे रहते हैं।

करोड़ों के विकास कार्यों की खुली पोल : शहर में जलभराव रोकने के लिए स्टॉर्म वाटर लाइन, सीवरेज नेटवर्क और ड्रेनेज सुधार के कई काम चल रहे हैं। इसके बावजूद हर साल की तरह इस बार भी बारिश में हालात बिगड़ गए हैं। जहां-जहां सड़कों की खुदाई चल रही थी, वहां की स्थिति सबसे खराब रही है। कई जगह कीचड़ फैल गया है और लोगों का पैदल निकलना तक मुश्किल हो गया है।

रिंग रोड और सर्विस लेन पर रेंग रहे वाहन : रिंग रोड पर बंगाली चौराहा से खजराना और खजराना से रोबोट चौराहा तक वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। सर्विस रोड पूरी तरह वाहनों से भर रही है और कई जगह वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ते नजर आते हैं। खजराना चौराहे पर करीब दो फीट तक पानी भर रहा है। मेट्रो, फ्लाईओवर, ब्रिज, पानी और ड्रेनेज लाइन प्रोजेक्ट के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें पहले से खुदी हुई हैं। बारिश ने इन इलाकों की परेशानी और बढ़ा दी।

नर्मदा पाइपलाइन फूटी, पानी बहता रहा : रिंग रोड स्थित मयूर अस्पताल के पास नर्मदा की पाइपलाइन फूटने से लगातार पानी बहता रहा। एक तरफ शहर में जल संरक्षण और पेयजल संकट की चर्चा है, वहीं दूसरी ओर पाइपलाइन से बड़ी मात्रा में पानी बहने से लोगों ने सवाल उठाए।

मेट्रो प्रोजेक्ट: सीएमआरएस की दी गई समय सीमा हुई खत्म : सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक मेट्रो का कमर्शियल रन जून माह में नहीं हो सका है। कमिश्नर आफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) द्वारा इंदौर में कमर्शियल रन के लिए दी गई तीन माह की समय सीमा बुधवार को खत्म हो गई। ऐसे में अब मेट्रो प्रबंधन सीएमआरएस को पुन: सर्वे के लिए आवेदन करेगा। ऐसे में सीएमआरएस की टीम अगले एक माह में पुन: इस हिस्से का निरीक्षण करने आएगी। सीएमआरएस द्वारा अब नए सिरे से एनओसी जारी की जाएगी। इसके बाद मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो सकेगा। गुरुवार को सीएमआरएस भोपाल में मेट्रो प्रोजेक्ट के सिग्नल का निरीक्षण करने आने वाले है। ऐसे में मेट्रो प्रबंधन के अफसर सीएमआरएस व उनकी टीम से इंदौर में पुन: सर्वे करने के संबंध में चर्चा भी करेंगे।
यह खबर सिर्फ इंदौर की समस्याओं की गिनती नहीं है, बल्कि 'स्मार्ट सिटी' के खोखले ढोल के पीछे छिप रही प्रशासनिक नाकामी और आम जनता के रोजाना के संघर्ष की एक झकझोरने वाली आंखों-देखी दास्तान है।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

LIVE: चंपत राय और अनिल मिश्रा का राम मंदिर ट्रस्ट से इस्तीफा