Publish Date: Tue, 10 Oct 2017 (11:07 IST)
Updated Date: Tue, 10 Oct 2017 (12:07 IST)
वाशिंगटन। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि हाल ही में लागू हुए माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को बेपटरी करने के प्रयासों के बावजूद राज्य इस नई व्यवस्था को तेजी से अपना रहे हैं।
जेटली ने यहां भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के चंद्रजीत बनर्जी और पेपाल के सीईओ एवं अध्यक्ष डान शिल्मैन के साथ बातचीत में जीएसटी के समक्ष सर्वाधिक बड़ी चुनौतियों से जुड़े एक सवाल के जवाब में यह बात कही।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था का वैश्विक एकीकरण ऐसे वक्त में हो रहा है जब अन्य अर्थव्यवस्थाएं अधिक संरक्षणवादी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्ष में सरकार द्वारा उठाए गए अनेक कदमों के कारण भारत अब व्यापार के लिए बेहतर स्थान बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रकियाओं को सरल किया गया है।
जेटली ने कहा कि अब लगभग 95 फीसद निवेश स्वत: आ रहा है और विदेशी निवेश प्रोत्साहन बोर्ड को समाप्त कर दिया गया है। आज कर से जुड़े 99 फीसदी सवालों को ऑनलाइन सुलझा लिया जाता है।
कार्यक्रम का आयोजन सीआईआई और यूएस इंडिया बिजनस परिषद (यूएसआईबीसी) के संयुक्त तत्वावधान में न्यूयॉर्क में किया गया।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने कहा कि भारत अब बड़े फैसले लेने और उन्हें बड़े पैमाने पर लागू करने में सक्षम है। कम से कम 250 राजमार्ग परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। भारत के पास अब अधिशेष बिजली है और भारतीय बंदरगाहों की क्षमता का विस्तार किया गया है।
डिजिटल भुगतान से संबंधित एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी भुगतान के नए तरीकों को बड़े पैमाने पर अपना रही है।
जेटली ने कहा कि इसके अलावा सभी सरकारी लाभों को सीधे बैंक खातों से जोड़ दिया गया है। बैंक खाताधारकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने कम लागत वाली बीमा योजनाएं पेश की हैं। जेटली सुबह यहां पहुंचे थे और उन्होंने आर्थिक सुधार पहलों पर अमेरिकी निवेशकों को संबोधित किया। (भाषा)