Publish Date: Fri, 13 Jan 2017 (21:47 IST)
Updated Date: Fri, 13 Jan 2017 (21:51 IST)
वॉशिंगटन। जाने-माने अमेरिकी अर्थशास्त्री स्टीव एच. हंके ने शुक्रवार को कहा कि उच्च मूल्य के भारतीय नोट चलन से बाहर करने से आर्थिक विकास तो धीमी होगी ही, इसका राजनीतिक प्रभाव भी पड़ेगा।
मैरीलैंड के बाल्टीमोर स्थित जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्री हंके ने एक ट्वीट में कहा कि मोदी की नकदी कमी से निश्चित तौर पर भारतीय अर्थव्यवस्था की गति धीमी होगी। हमें इससे भविष्य में राजनीतिक प्रभाव की उम्मीद करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 8 नवंबर को कालेधन, जाली नोट और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत 500 और 1,000 रुपए के पुराने नोट चलन से बाहर करने की घोषणा की थी।
नोटबंदी के बाद आरबीआई ने जीडीपी पूर्वानुमान में आधा प्रतिशत की कमी करके उसे 7.1 प्रतिशत कर दिया जबकि एशियन डेवलपमेंट बैंक और विश्व बैंक ने भी उसे घटाकर 7 प्रतिशत कर दिया। (भाषा)