Publish Date: Sun, 05 Feb 2017 (06:52 IST)
Updated Date: Sun, 05 Feb 2017 (06:54 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिकी प्रशासन ने एक अदालती आदेश के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादित शासकीय आदेश के तहत तहत सात मुस्लिम देशों के लोगों के अमेरिका में दाखिल होने पर रोक लगाए जाने के निर्णय को निलंबित कर दिया है। अदालत ने ट्रंप के शासकीय आदेश पर रोक लगा दी थी।
दरअसल यूएस स्टेट डिपार्टमेंट अब उन सभी लोगों को अमेरिका में आने की इजाजत देगा, जिनके पास वैध वीजा होंगे। स्टेट डिपार्टमेंट के अफसर ने शनिवार को यह घोषणा की। अमेरिकी विदेश विभाग के एक प्रवक्ता बताया, 'हमने वीजा के अंतरिम रूप से रद्द किए जाने के फैसले को पलट दिया है'। अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों ने अब अपने वीजा रद्द नहीं करवाएं हैं अब वे अमेरिका की यात्रा कर सकते हैं बशर्ते उनका वीजा पूरी तरह से वैध हो।
विभाग का कहना है कि राष्ट्रपति के शासकीय आदेश का अनुपालन करते हुए करीब 60,000 यात्रा वीजा को रद्द किया गया। विदेश विभाग के अधिकारी ने कहा कि ट्रंप प्रशासन गृह सुरक्षा विभाग और हमारी कानूनी टीमों के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि वॉशिंगटन प्रांत के अटॉर्नी जनरल की ओर से दायर शिकायत की पूरी समीक्षा की जा सके।
गृह सुरक्षा विभाग ने एक बयान में कहा, 'न्यायाधीश के आदेश का अनुपालन करते हुए विभाग शासकीय आदेश की प्रभावित धाराओं के क्रियान्वयन वाले किसी एक और सभी कदमों को निलंबित कर दिया है'। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने विवादित शासकीय आदेश को निलंबित करने वाले अदालती फैसले को हास्यास्पद करार दिया था।
अध्यादेश पर रोक लगाने का आदेश शुक्रवार रात सिएटल यूएस डिस्टि्रक्ट कोर्ट के न्यायाधीश जेम्स रॉबर्ट ने दिया था। यह अदालती आदेश पूरे अमेरिका में मान्य होगा। ट्रंप ने शनिवार सुबह ट्वीट किया, 'इस तथाकथित न्यायाधीश की राय हास्यास्पद है और यह रद्द कर दी जाएगी'। यह न्यायाधीश कानून प्रवर्तन को हमारे देश से दूर ले गया है।
उन्होंने कहा, 'जब कोई देश यह नहीं कह सके कि कौन कर सकता है और कौन नहीं कर सकता है, खासकर सुरक्षा की वजहों को लेकर फैसला नहीं कर सके तो बड़ी दिक्कत पैदा होती है'। ट्रंप के विवादित शासकीय आदेश के तहत ईरान, इराक, लीबिया, सोमालिया, सूडान, सीरिया और यमन के लोगों के अमेरिका में दाखिल होने पर कम से कम 90 दिनों तक के लिए रोक की बात की गई थी।
गौरतलब है कि वॉशिंगटन राज्य में एक संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हफ्ते भर पुराने आव्रजन आदेश के देश में लागू करने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है। इसके साथ ही सात मुस्लिम बहुल देशों के वीजाधारी लोगों के अमेरिका आगमन का रास्ता साफ हो गया है। इस बीच, व्हाइट हाउस ने एक बयान में कहा कि न्याय विभाग यथाशीघ्र इस अदालती आदेश को चुनौती देगा।
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता सीन स्पाइसर ने कहा, 'राष्ट्रपति के आदेश का मकसद देश की रक्षा करना है और उनके पास अमेरिकी नागरिकों की रक्षा करने का संवैधानिक अधिकार और जिम्मेदारी है।' संघीय न्यायाधीश जेम्स एल। रॉबर्ट ने वॉशिंगटन राज्य के अटॉर्नी जनरल बॉब फर्गुसन के आग्रह पर ट्रंप के इस आदेश पर रोक लगा दी है। अटॉर्नी जनरल के कार्यालय के अनुसार यह आदेश देशभर में मान्य रहेगा। रॉबर्ट की नियुक्ति तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने की थी।
डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने भी तत्काल रॉबर्ट के आदेश की प्रशंसा की। इसमें सीनेट के अल्पमत के नेता चुक शूमर भी शामिल हैं। शूमर ने एक बयान में कहा, 'यह संविधान की और हम सभी की जीत है, जो मानते हैं कि अमेरिकी विचारधारा से उलट यह आदेश हमें सुरक्षा प्रदान नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को अदालत का यह फैसला मानना चाहिए और उन्हें अपना कार्यकारी आदेश हमेशा के लिए वापस ले लेना चाहिए।
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Publish Date: Sun, 05 Feb 2017 (06:52 IST)
Updated Date: Sun, 05 Feb 2017 (06:54 IST)