Publish Date: Sat, 01 Apr 2023 (15:40 IST)
Updated Date: Sat, 17 Aug 2024 (20:06 IST)
वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार अभियान के दौरान 2016 में एक पोर्न स्टार को चुप रहने के लिए धन देने के मामले में डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी दिए जाने के बाद पूर्व राष्ट्रपति ने 24 घंटे में 40 लाख डॉलर से अधिक की राशि जुटाई।
मीडिया में जारी एक विज्ञप्ति में शुक्रवार को बताया गया कि ट्रंप की चुनाव प्रचार मुहिम के लिए इसमें से 25 प्रतिशत से अधिक राशि उन लोगों ने उपलब्ध कराई है जिन्होंने उन्हें पहली बार चंदा दिया है। इससे राष्ट्रपति पद के चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने की उनकी दावेदारी को बल मिला है।
ट्रंप अमेरिका में 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने की होड़ में शामिल दावेदारों में सबसे आगे माने जा रहे हैं। अमेरिकी कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जो दोषी पाए जाने पर किसी उम्मीदवार को राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए प्रचार करने या राष्ट्रपति के रूप में सेवाएं देने से रोकता हो, भले ही वह जेल से ही ऐसा करे।
प्रतिनिधि सभा में ट्रंप के खिलाफ 2 बार महाभियोग चलाया गया था और उन्हें दोनों बार सीनेट ने बरी कर दिया था। विज्ञप्ति में कहा गया है कि जमीनी स्तर पर चंदे में यह अभूतपूर्व वृद्धि इस बात की पुष्टि करती है कि अमेरिकी लोग पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के खिलाफ अभियोग को 'अभियोजक द्वारा हमारी न्याय प्रणाली को अपमानजनक रूप से हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने' के रूप में देखते हैं।
व्हाइट हाउस ने ट्रंप के खिलाफ अभियोग को मंजूरी दिए जाने के घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने शुक्रवार को कहा कि मुझे इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी। उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने जाम्बिया में कहा कि मैं इस आपराधिक मामले के संबंध में कोई टिप्पणी नहीं करूंगी, क्योंकि यह पूर्व राष्ट्रपति से जुड़ा हुआ है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव प्रचार अभियान के दौरान 2016 में एक पोर्न स्टार को चुप रहने के लिए धन देने के मामले में मैनहट्टन ग्रैंड जूरी ने ट्रंप के खिलाफ अभियोग चलाने का फैसला किया है और वे मंगलवार को अदालत में पेश होंगे। ट्रंप अमेरिका के पहले पूर्व राष्ट्रपति हैं, जो आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे हैं। इस फैसले से 2024 में फिर से राष्ट्रपति बनने की उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है।(भाषा)
Edited by: Ravindra Gupta