Publish Date: Fri, 12 Jan 2018 (21:02 IST)
Updated Date: Fri, 12 Jan 2018 (23:10 IST)
न्यूयॉर्क। फेसबुक यूजरों के सोशल मीडिया पर बिताए समय को अधिक अर्थपूर्ण बनाने के लिए उन्हें दिखने वाले पोस्टों के संबंध में बदलाव कर रही है। इस बदलाव से अपनी सामग्री फेसबुक के जरिए साझा करने वाले समाचार संगठनों व कंपनियों को कारोबारी नुकसान हो सकता है।
फेसबुक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग ने गुरुवार को एक पोस्ट में कहा कि यह बदलाव लोगों को करीबी लोगों से जोड़ने के लिए तथा तनाव व अकेलेपन से बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने लिखा, शोध से पता चलता है कि जब हम सोशल मीडिया का इस्तेमाल करीबी लोगों से जुड़ने के लिए करते हैं तो यह हमारे लिए अच्छा होता है।
उन्होंने कहा, हम इससे अधिक जुड़ाव तथा कम अकेलापन महसूस कर सकते हैं और यह लंबे समय की खुशी व स्वास्थ्य से जुड़ा है। इससे इतर आलेख पढ़ना या वीडियो देखना उनके मनोरंजक व ज्ञानवर्धक होने के बाद भी उतना अच्छा नहीं हो सकता है।
कंपनी ने कहा कि इस बदलाव से ब्रांडों, पेजों और मीडिया कंपनियों के कम पोस्ट न्यूज फीड में दिखेंगे तथा लोगों के पोस्ट अधिक दिखने लगेंगे। न्यूजफीड में वीडियो भी कम दिखेंगे। इससे लोग फेसबुक पर कम समय व्यर्थ करेंगे। उसने कहा कि यह कदम उन पोस्टों को वरीयता देना है, जिन्हें फेसबुक अर्थपूर्ण मानता है।
कोरिया प्रेस फाउंडेशन में वरिष्ठ शोधार्थी (डिजिटल न्यूज) ओह से-उक ने कहा, यह उसी दिशा में उठाया गया कदम है जिस पर फेसबुक पहले से ध्यान दे रही है। फेसबुक का लक्ष्य खबरों का स्रोत बनने के बजाए लोगों के बीच चर्चा के लिए एक सार्वजनिक जगह मुहैया कराना है।
फेसबुक चाहता है कि जो लोग दोस्त हैं, वे अधिक चर्चा के जरिए और करीबी हो जाएं। फेसबुक के जरिए न्यूज मीडिया वेबसाइटों के ट्रैफिक में गिरावट का अनुमान है। फेसबुक ने कहा कि यह उसी तरह है जैसे लोग ऑफलाइन एक-दूसरे से मिलते-जुलते हैं। (भाषा)