Publish Date: Thu, 22 Dec 2016 (10:54 IST)
Updated Date: Thu, 22 Dec 2016 (10:57 IST)
संयुक्त राष्ट्र। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में पाया गया है कि मानव तस्करी के शिकार हुए लोगों में महिलाएं एवं लड़कियां तीन-चौथाई होती हैं और आमतौर पर तस्करी किए गए पुरुषों एवं लड़कों का इस्तेमाल जबरन काम कराने, युद्ध में भेजने और दास के तौर पर किया जाता है।
संयुक्त राष्ट्र के नशीले पदार्थ एवं अपराध कार्यालय द्वारा बुधवार को जारी की गई एक रिपोर्ट में पाया गया कि विश्वभर में तस्करी पीड़ितों के मामले में बच्चे तीसरे नंबर पर हैं।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में यह रिपोर्ट जारी करने वाले यूएनओडीसी के कार्यकारी निदेशक यूरी फेदोतोव ने कहा कि यौन शोषण और जबरन काम कराना तस्करी अपराध के प्रमुख कारणों में से है लेकिन पीड़ितों का इस्तेमाल भीख मांगने, जबरन या नकली शादी कराने, अपने लाभ के लिए धोखाधड़ी कराने या पोर्नोग्राफी कराने के लिए किया जाता है।
फेदोतोव ने कहा कि पीड़ितों को यातना दी जाती है, उनके लिए फिरौती ली जाती है और यहां तक कि कुछ अफ्रीकी मार्गों में उनकी तस्करी उनके अंगों के लिए भी की जाती है। (भाषा)
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Publish Date: Thu, 22 Dec 2016 (10:54 IST)
Updated Date: Thu, 22 Dec 2016 (10:57 IST)