Publish Date: Thu, 10 Dec 2015 (13:03 IST)
Updated Date: Thu, 10 Dec 2015 (13:11 IST)
वॉशिंगटन। मुक्केबाजी के पूर्व विश्व चैंपियन मोहम्मद अली ने अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान की कड़ी निंदा की है जिसमें उन्होंने मुसलमानों के अमेरिका में प्रवेश पर अस्थायी तौर पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है।
अली ने ट्रम्प का नाम लिए बगैर कहा कि हम मुस्लिम होने के नाते उन सभी लोगों के खिलाफ हैं, जो अपने निजी स्वार्थों के लिए इस्लाम का इस्तेमाल करते हैं। राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार ने मुसलमानों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव दिया है।
तीन बार हैवीवेट विश्व चैंपियन रहे मुक्केबाज ने कहा कि मैं एक मुसलमान हूं और पेरिस, सैन बर्नार्डिनो अथवा दुनिया में अन्य किसी भी जगह निर्दोषों की हत्या करने से इस्लाम का कोई संबंध नहीं है। सच्चे मुसलमानों को पता है कि तथाकथित इस्लामी जिहादियों द्वारा की जा रही बर्बर हिंसा हमारे धर्म के आधारभूत सिद्धांतों के खिलाफ है।
अली ने कहा कि मुझे भरोसा है कि हमारे राजनेता अपने पद का इस्तेमाल करके इस्लाम धर्म के संबंध में समझ पैदा करने का प्रयास करेंगे और स्पष्ट करेंगे कि इस्लाम के नाम पर हत्याएं करना विकृत मानसिकता वाले लोगों की करतूत है।
गौरतलब है कि ट्रम्प ने मंगलवार को कहा था कि मुसलमानों के अमेरिका आने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा देना चाहिए। उन्होंने देश में मुसलमानों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगाने की वकालत करते हुए कहा कि जिहाद के नाम पर हमला करने वालों का मानवता पर कोई विश्वास नहीं और जब तक हमारे देश के प्रतिनिधि पूरी तरह से इस समस्या को नहीं समझ लेते तब तक देश में मुसलमानों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।
ट्रम्प का यह बयान कैलिफोर्निया में हुई गोलीबारी के बाद आया जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई थी। इस गोलीबारी में एक मुस्लिम दंपति के शामिल होने की पुष्टि हुई थी। इससे पहले ट्रम्प ने दावा किया था कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हुए आतंकी हमलों के बाद उन्होंने न्यू जर्सी में हजारों मुसलमानों को जश्न मनाते देखा था। (वार्ता)