Publish Date: Mon, 22 Jun 2015 (11:09 IST)
Updated Date: Mon, 22 Jun 2015 (11:11 IST)
संयुक्त राष्ट्र। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को प्रथम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र को दिए वीडियो संदेश में कहा कि योग युवा पीढ़ी को हिंसा, आत्महत्या और अवसाद से बचाने का सबसे सरल मार्ग है।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में यहां संक्षिप्त वीडियो संदेश में मोदी ने कहा कि रविवार को जबकि युवा पीढ़ी हिंसा की ओर बढ़ रही है, आत्महत्या की ओर बढ़ रही है, अवसाद में रह रही है, मुझे लगता है कि योग उन्हें बचाने का सबसे सरल मार्ग है।
प्रधानमंत्री मोदी ने योग दिवस में भाग लेने वालों को बधाई दी और कहा कि भारत इस बात पर गर्व महसूस कर रहा है कि संरा ने इस विषय को आगे बढ़ाया और विश्व के 177 देशों ने इसे समर्थन (स्पांसर) दिया।
मोदी ने पिछले साल सितंबर में संयुक्त राष्ट्र में दिए अपने भाषण में 21 जून को योग दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव रखा था जिसे 193 देशों ने फौरन समर्थन दे दिया था।
प्रधानमंत्री ने रविवार को अपने संदेश में कहा कि भारत की अनमोल विरासत रविवार को विश्व की विरासत बन गई है।
उन्होंने कहा कि मानव जाति के कल्याण के लिए हमें योग की अपनी विरासत से जुड़ना होगा, क्योंकि यह मानवता की विरासत है। यह विश्व की विरासत है, यह आपकी विरासत है। यह आप की जिम्मेदारी बन जाती है कि आप इसे आने वाली पीढ़ियों को सौंपें। (भाषा)
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Publish Date: Mon, 22 Jun 2015 (11:09 IST)
Updated Date: Mon, 22 Jun 2015 (11:11 IST)