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जर्मन चांसलर मर्केल से मिले मोदी, इन मुद्दों पर हुई बात...

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बर्लिन , मंगलवार, 30 मई 2017 (10:15 IST)
बर्लिन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल ने विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर बेहद सकारात्मक चर्चा की। यूरोप में हुए हालिया आतंकी हमलों की पृष्ठभूमि में चरमपंथ के अलावा ब्रेग्जिट के परिणाम और व्यापार आदि मुद्दे इस बातचीत के केंद्र में रहे।
 
बर्लिन के पास स्थित श्लोस मेसेबर्ग में कल अपनी अनौपचारिक बातचीत में दोनों नेताओं ने चीन की ‘वन बेल्ट, वन रोड’ की पहल और जलवायु परिवर्तन मुद्दे पर भी विचार साझा किए।
 
इस मुलाकात के बाद मोदी ने ट्वीट किया, 'चांसलर मर्केल के साथ बेहद अच्छी बातचीत हुई।' प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस मुलाकात के बारे में जारी बयान में कहा गया, 'बातचीत लगभग तीन घंटे तक चली और इसमें स्मार्ट सिटी, कौशल विकास और स्वच्छ उर्जा जैसे साझा हित के विभिन्न क्षेत्र शामिल थे। बातचीत में जीएसटी समेत भारत के आर्थिक विकास एजेंडे की सराहना की गई।'
 
जर्मनी में भारत की राजदूत मुक्ता दत्त तोमर ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'नेताओं की बातचीत में द्विपक्षीय एजेंडा शामिल रहा और इसमें इस बात पर भी चर्चा हुई कि किस तरह जर्मनी भारत के प्रमुख कार्यक्रमों में साझेदारी कर सकता है। बातचीत के दौरान भारत के सुधार एजेंडे की सराहना की गई, खास तौर पर जीएसटी की।'

मोदी आज 'इंडिया-जर्मनी इंटरगर्वमेंटल कंसलेटेशंस' (आईजीसी) के तहत मर्केल के साथ औपचारिक बातचीत करेंगे जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हषर्वर्धन, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, उर्जा मंत्री पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर सहित वरिष्ठ मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल शामिल होगा।
 
जर्मन चांसलर के कार्यालय में प्रधानमंत्री मोदी का सैन्य सम्मान के साथ रस्मी स्वागत किया जाएगा। इसके बाद वह कई राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर मर्केल के साथ बातचीत करेंगे।
 
भारत-जर्मन संबंधों में नया अध्याय शुरू करने के लिए आईजीसी में दोनों नेताओं के कई समझौतों को मूर्त रूपे देने और सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर करने की संभावना है।
 
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'कई सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किए जाने की संभावना है। इससे निश्चित तौर पर दायरा बढ़ेगा और जर्मनी के साथ हमारे द्विपक्षीय सहयोग के पटल का विस्तार होगा।' भारत और जर्मनी के बीच जलवायु परिवर्तन, उर्जा, बुनियादी ढांचे और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में 25 से अधिक कार्य समूह हैं।
 
यूरोपीय संघ में जर्मनी भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और एफडीआई का एक प्रमुख स्रोत है। मोदी और चांसलर मर्केल आज भारत-जर्मन व्यापार शिखर सम्मेलन-2017 की शुरुआत करने से पहले कारोबारी जगत के दिग्गजों के साथ बैठक करेंगे।
 
मोदी जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रांक वाल्टर स्टीनमीयर के साथ शिष्टाचार मुलाकात के साथ जर्मनी दौरे का समापन करेंगे जहां से वह शाम को स्पेन रवाना होंगे। (भाषा)

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