Publish Date: Sat, 24 Aug 2019 (17:06 IST)
Updated Date: Sat, 24 Aug 2019 (17:14 IST)
अबुधाबी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बाजार में रुपे कार्ड की पेशकश की। इससे यहां की बहुत सी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी भारत के डिजिटल भुगतान कार्ड से खरीद की जा सकती है। इसे मुस्लिम देश में भारत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
संयुक्त अरब अमीरात पश्चिम एशिया का पहला देश बन गया जिसने इलेक्ट्रॉनिक भुगतान की भारतीय प्रणाली को अपनाया है। भारत इससे पहले सिंगापुर और भुटान में रुपे कार्ड के चलने को शुरू कर चुका है।
पीएम मोदी ने यहां रुपे कार्ड से एक विशेष खरीदारी कर के यहां के बाजार में इस कार्ड के चलन की शुरुआत की। वह इस खरीदी गयी सामग्री को रविवार को बहरीन में श्रीनाथजी मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाएंगे।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्वीट किया, 'रुपे कार्ड यूएई भी पहुंचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक विशेष खरीदारी की, जिसे वह कल बहरीन में श्रीनाथजी मंदिर में प्रसाद के रूप में चढ़ाएंगे।'
रुपे कार्ड की शुरुआत से पहले मोदी की उपस्थिति में भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम ने संयुक्त अरब अमीरात के मरक्यूरी पेमेंट्स सर्विसेज के साथ दोनों देशों के भुगतान मंचों के बीच तकनीकी इंटरफेस तैयार करने के समझौते पर हस्ताक्षर किए।
यूएई में कारोबार कर रहे लुलु समूह, पेट्रोकेम मिडल ईस्ट, एनएमसी हेल्थकेयर और लैंडमार्क समेत 21 प्रमुख कारोबारी समूहों ने रुपे कार्ड को स्वीकार करने का वादा किया।
हर साल यूएई में करीब 30 लाख भारतीय पर्यटक घूमने आते हैं। इस कार्ड की शुरुआत से वह 1,75,000 स्थानों पर रुपे कार्ड से भुगतान कर सकेंगे तथा पांच हजार एटीएम से नकद निकासी भी कर सकेंगे। इससे उनका विनिमय खर्च बचेगा।