Publish Date: Fri, 10 Aug 2018 (23:01 IST)
Updated Date: Sat, 11 Aug 2018 (01:21 IST)
लंदन। 9 साल के एक भारतीय उदीयमान शतरंज खिलाड़ी ने अपने पिता के कार्य वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद ब्रिटेन में रहने की अपनी लड़ाई शुक्रवार को जीत ली। देश के गृह कार्यालय ने उसकी असाधारण प्रतिभा को देखते हुए मामले को अपवाद के तौर पर लिया। श्रेयस रोयाल ने कई शतरंज प्रतियोगिताएं जीती हैं और अपने आयु वर्ग में वे दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी हैं। उनमें भविष्य में विश्व चैंपियन बनने का भी माद्दा है।
उनके पिता जितेंद्र सिंह की सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी वीजा की अवधि अगले महीने पूरी हो रही है और तब उनका परिवार भारत लौटता। लेकिन ब्रिटेन के कई सांसदों ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए गृहमंत्री साजिद जावेद से रोयाल की असाधारण प्रतिभा को देखते हुए मामले को अपवाद के तौर पर देखने की अपील की थी।
सिंह ने 'गॉर्डियन' अखबार से कहा कि उन्होंने (गृह कार्यालय) ने अभी अभी मुझे ई-मेल किया और बताया कि उन्हें मेरे मामले पर ध्यान दिया तथा हमारे लिए टियर-2 सामान्य माध्यम पर बने रहने के लिए हमारी वतन वापसी का समय टालने की मंजूरी दे दी है तथा उनका परिवार को श्रेयस इससे काफी खुश है। वे गृह कार्यालय और गृहमंत्री का आभार जताना चाहते हैं। (भाषा)