Publish Date: Tue, 01 Mar 2016 (16:11 IST)
Updated Date: Tue, 01 Mar 2016 (16:16 IST)
न्यूयॉर्क। अपनी तरह के पहले मामले के तहत एक सिख-अमेरिकी सैनिक ने अमेरिकी सेना पर यह आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया है कि उसे उसके धर्म के कारण कुछ ऐसे ‘भेदभावपूर्ण’ परीक्षणों से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे अमेरिकी सेना का कोई अन्य सैनिक नहीं गुजरता।
कैप्टन सिमरतपाल सिंह (28) को पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी सेना में अपनी सेवाएं देने के लिए एक अस्थायी धार्मिक रियायत मिल गई थी। इसके तहत उन्हें अपनी सेवा के दौरान सिख पगड़ी, दाढ़ी और लंबे केश रखने की अनुमति मिल गई थी।
सिंह का पक्ष रख रही अंतरराष्ट्रीय विधि कंपनी मैकडेर्मोट विल एंड एमेरी ने एक बयान में कहा कि यह दुर्लभ रियायत 31 मार्च तक जारी रहनी थी लेकिन अमेरिकी सेना ने हाल ही में सिंह को आदेश दिया कि वह आज ‘‘सेना में बने रहने के लिए असाधारण, मानकेतर अतिरिक्त परीक्षण’’ के लिए पहुंचें।
कंपनी ने सिख कोएलिशन और बैकेट फंड फॉर रिलीजियस लिबर्टी के साथ मिलकर सिंह की ओर से रक्षा मंत्रालय के खिलाफ मुकदमा दायर कर दिया। सिंह को अफगानिस्तान में सड़कों से विस्फोटक हटाने के लिए ब्रोंज स्टार मिल चुका है। इसके अलावा विभिन्न पदों पर रहने के दौरान वे अन्य सैन्य पुरस्कार भी हासिल कर चुके हैं। (भाषा)