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तूफानी क्रिकेट की दावत

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क्रिकेट
आईपीएल यानी तूफानी क्रिकेट की दावत। देश अभी वन-डे विश्वकप की जीत का खुमार में डूबा ही हुआ है कि आईपीएल आ गया। डेढ़ महीने तक चले क्रिकेट महाकुंभ की थकान उतरी भी नहीं थी कि खिलाड़ियों को अब ट्वेंटी-20 के 51 दिनी महासंग्राम में जूझना होगा। शुक्रवार से क्रिकेटप्रेमियों की निगाहें भारत के विभिन्न मैदानों पर लगी रहेंगी क्योंकि यहाँ दुनियाभर के दिग्गज क्रिकेटर आईपीएल के चौथे संस्करण में नजर आएँगे।

आईपीएल की यह विशेषता है कि इसमें अपने पराए हो जाते हैं जबकि पराए अपने। विश्वकप में एकसाथ मिलकर अपने देश की नैया पार लगाने वाले क्रिकेटर इस बार अलग-अलग टीमों में रहकर एक-दूसरे से मोर्चा लेते नजर आएँगे, वहीं अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के कट्टर प्रतिद्वंद्वी भी एक टीम में एक साथ रणनीति बनाते हुए दिखेंगे। महेंद्रसिंह धोनी की अगुवाई वाले चेन्नई सुपर किंग्स ने पिछले सत्र में न केवल आईपीएल-3 का खिताब हासिल किया था, वरन वे चैंपियंस लीग के विजेता भी थे।

इस वजह से चेन्नई टीम पर अपने खिताब को बचाने का दबाव रहेगा। अब जबकि उसके कप्तान धोनी टीम इंडिया को विश्व कप दिलवा चुके हैं तब चेन्नई टीम से उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं अब देखने वाली बात यह होगी कि यह टीम इस दबाव को कैसे सहन करती है।

सचिन तेंडुलकर की मुंबई इंडियंस को पिछली बार दूसरे स्थान पर संतोष करना पड़ा था अब जबकि सचिन का सबसे बड़ा सपना (विश्वकप) पूरा हो चुका है, वे उन्मुक्तता के साथ खेलते हुए इस बार अपनी टीम को आईपीएल खिताब दिलाने के लिए पूरी ताकत झोकेंगे। शेन वार्न तथा एडम गिलक्रिस्ट एक-एक बार अपनी टीमों को चैंपियन बना चुके हैं, ये इस बार फिर चाहेंगे कि उन्हें विजयी कप्तान होने का सम्मान मिले।

आईपीएल में इस बार काफी कुछ नया होगा। टीमों की संख्या 8 से बढ़कर 10 हो गई है। सहारा पुणे वॉरियर्स और कोच्चि टस्कर्स केरल के जुड़ने से स्पर्धा का प्रारूप बदल गया तथा मैचों की संख्या बढ़कर 74 हो गई। कुछ नए मैदान भी इससे जुड़े हैं जिनमें इंदौर का होलकर स्टेडियम भी शामिल है, जहाँ कोच्चि टस्कर्स केरल के दो मैच खेले जाएँगे।

आम दर्शकों को इस बार काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा क्योंकि पिछले तीन सत्रों तक विभिन्न टीमों की पहचान बन गए सितारे इस बार दूसरी टीमों की तरफ से खेलते हुए नजर आएँगे। जैसे किंग्स इलेवन पंजाब के युवराजसिंह अब सहारा पुणे वॉरियर्स की कमान संभालते हुए दिखेंगे।

अधिकांश टीमों की कमान भी इस बार नए कप्तानों के हाथों में होगी। सिर्फ चेन्नई सुपर किंग्स (महेंद्रसिंह धोनी), मुंबई इंडियंस (सचिन तेंडुलकर) और राजस्थान रॉयल्स (शेन वार्न) ने अपने कप्तानों को बरकरार रखा है जबकि अन्य 5 टीमों की कप्तानी इस बार अलग खिलाड़ियों के कंधों पर होगी, दो टीमें पहली बार आईपीएल का हिस्सा होंगी।

कोलकाता नाइटराइडर्स की कमान इस बार सौरव गांगुली की बजाय गौतम गंभीर के हाथों में होगी जबकि डेक्कन चार्जर्स के कप्तान एडम गिलक्रिस्ट की जगह कुमार संगकारा होंगे। वीरेंद्र सहवाग अब दिल्ली डेयरडेविल्स के, एडम गिलक्रिस्ट किंग्स इलेवन पंजाब के तथा डेनियल विटोरी रॉयल चैलेंजर्स बंगलोर का नेतृत्व संभालेंगे। नई टीमों पुणे वॉरियर्स की कमान युवराजसिंह के तथा कोच्चि टस्कर्स की कमान महेला जयवर्धने के हाथों में होगी।

आईपीएल में इस बार एक विशेष बात यह होगी कि इस बार इसके पूर्व प्रमुख ललित मोदी उपस्थित नहीं रहेंगे। खिलाड़ियों, फ्रेंचाइजी मालिकों तथा बॉलीवुड की हस्तियों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय मोदी के बगैर यह आयोजन कितनी ऊँचाइयों पर पहुँच पाता है, यह देखने वाली बात होगी।

आईपीएल को पैसों की बारिश और ग्लैमर के तड़के के साथ लोकप्रियता की बुलंदियों तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाने वाले मोदी को बीसीसीआई ने पिछले संस्करण के बाद वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों तले निलंबित कर दिया था। क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और ट्वेंटी-20 क्रिकेट में तो अनिश्चितता अपने चरम पर होती है। एक खराब या अच्छा ओवर मैच की दशा और दिशा बदलकर रख देता है, इसलिए विजेता कौन होगा, इसका पूर्वानुमान लगाने की बजाय आइए कामना करें कि विश्व कप में खेले खिलाड़ी अपनी थकान से उबर चुके हों और वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन आईपीएल में करें तथा दर्शकों को रोमांचक क्रिकेट की दावत मिले। (नईदुनिया)

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