राजस्थान की 'रॉयल' जीत
कोच्चि आठ विकेट से पराजित
Publish Date: Sun, 24 Apr 2011 (23:32 IST)
Updated Date: Sun, 24 Apr 2011 (23:31 IST)
शेन वॉर्न की कलाइयों की जादूगरी से राजस्थान रॉयल्स ने इंडियन प्रीमियर लीग में रविवार को यहाँ कोच्चि टस्कर्स केरल पर 35 गेंद शेष रहते हुए आठ विकेट से शाही जीत दर्ज की।
वॉर्न के लंबे अरसे बाद किए गए लाजवाब प्रदर्शन और सिद्धार्थ त्रिवेदी से मिले सहयोग से राजस्थान रॉयल्स ने कोच्चि को केवल 109 रन पर ढेर कर दिया और फिर केवल 14.1 ओवर में दो विकेट पर 111 रन बनाकर तीन हार के बाद पहली जीत का स्वाद चखा।
रॉयल्स की तरफ से शेन वॉटसन ने 40 गेंद पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से 49 रन बनाए, जबकि राहुल द्रविड़ ने 44 रन की उम्दा पारी खेली। इन दोनों ने पहले विकेट के लिए 71 रन की साझेदारी की।
रॉयल्स की यह सातवें मैच में तीसरी जीत है और वह सात अंक के साथ मुंबई इंडियन्स के बाद दूसरे स्थान पर पहुँच गया है। कोच्चि ने छठे मैच में तीसरी हार का स्वाद चखा और वह छह अंक लेकर तीसरे से पाँचवें स्थान पर खिसक गया है।
वॉर्न आईपीएल के चौथे टूर्नामेंट में अब तक कमाल नहीं दिखा पाए थे, लेकिन आज उन्होंने चार ओवर में 16 रन देकर तीन विकेट लिए जबकि त्रिवेदी ने 19 रन देकर तीन बल्लेबाजों को पैवेलियन भेजा। कोच्चि ने आखिरी सात विकेट 19 रन के अंदर गँवाए। उसके तीन बल्लेबाज दोहरे अंक में पहुँचे जिनमें जिनमें से पार्थिव पटेल ने सर्वाधिक 32 रन बनाए।
मैच का पहला छक्का भी द्रविड़ के बल्ले से निकला। यह रॉयल्स की पारी का दसवाँ ओवर था जिसमें द्रविड़ ने रविंदर जड़ेजा की गेंद लांग ऑन पर छह रन के लिए भेजी। द्रविड़ अगले ओवर में तेजी से दूसरा रन चुराने के प्रयास में रन आउट हुए। उन्होंने अपनी पारी में 37 गेंद खेली तथा चार चौके और एक छक्का लगाया।
वाटसन के नाम पर जब 31 गेंद पर 29 रन दर्ज थे तब उन्होंने स्टार ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन को निशाना बनाकर उनके एक ओवर में दो छक्के जमाए। यह ऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर हालाँकि एक रन से अर्धशतक से चूक गया और जड़ेजा ने उनका लेग स्टंप उखाड़ दिया। तब तक हालाँकि बहुत देर हो चुकी थी और जोहान बोथा (नाबाद 14) ने अगल ओवर में मुरलीधरन की पहली गेंद पर ही रिवर्स स्वीप से विजयी चौका जमाया।
इससे पहले बल्लेबाजी का न्योता पाने वाली कोच्चि को ब्रैंडन मैकुलम की कमी खली जो चोटिल होने के कारण इस मैच में नहीं खेल पाए। मैकुलम की अनुपस्थिति में उसकी शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके दोनों सलामी बल्लेबाज वीवीएस लक्ष्मण (8) और माहेला जयवर्धने (13) तब पैवेलियन लौट गए, जब टीम का स्कोर 28 रन था।
लक्ष्मण हमेशा की तरह विकेट के बीच दौड़ में मार खा गए और अपने करीबी मित्र राहुल द्रविड़ के सीधे थ्रो पर रन आउट हुए जबकि जोहान बोथा ने अपनी पहली गेंद पर ही जयवर्धने को बोल्ड किया। ऑस्ट्रेलियाई ब्रैड हाज (8) भी अधिक देर नहीं टिक पाए और उनके हमवतन वॉर्न ने आते ही उनकी गिल्लियाँ बिखेर दीं।
जड़ेजा ने स्वीप करके वॉर्न की गेंद छह रन के लिए भेजनी चाही, लेकिन वह बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में लहराती हुई वापस गेंदबाज के पास पहुँच गई। पार्थिव इस लेग स्पिनर की अगली गेंद पर रिवर्स स्वीप करने से चूक गए और स्टंप आउट हुए। उन्होंने 34 गेंद खेली और दो चौके लगाए।
तिसारा परेरा ने वॉर्न की हैट्रिक पूरी नहीं होने दी, लेकिन सिद्धार्थ त्रिवेदी ने इसी स्कोर पर रैफी गोमेज को भी पैवेलियन भेजा। उन्होंने अपने इसी ओवर में परेरा को भी आउट किया, जबकि अमितसिंह ने आर. विनयकुमार को आउट किया। (भाषा)
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