Publish Date: Fri, 08 May 2015 (22:13 IST)
Updated Date: Fri, 08 May 2015 (22:17 IST)
मुंबई। अच्छी बल्लेबाजी का लुत्फ उठा रहे युवा भारतीय सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने आज कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट दोनों में पिछले एक साल में शानदार प्रदर्शन के सहारे उन्हें एक बेहतर क्रिकेटर बनने में मदद मिली है।
ऑस्ट्रेलिया के दौरे में राहुल पहले दो टेस्ट मैचों में नहीं खेले थे लेकिन उन्हें तीसरे मैच में खेलने का मौका मिला था। अपने पदार्पण टेस्ट में उन्होंने कोई खास प्रदर्शन नहीं किया लेकिन सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर जनवरी में खेले गए चौथे और आखिरी टेस्ट मैच में राहुल ने अपना पहला शतक (110 रन) जड़ा।
आईपीएल-8 में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेल रहे राहुल ने कहा, ‘यह एक महत्वपूर्ण दौर है और मैं इसका पूरा लुत्फ उठा रहा हूं। ईमानदारी से कहूं तो यह मेरे लिए एक सपने जैसा रहा है। इसमें न केवल खुशियां शामिल हैं बल्कि निराशाएं भी हैं, जैसा ऑस्ट्रेलिया में पहले टेस्ट में और आईपीएल के कुछ मैचों में हुआ। मैंने तब मौकों का वैसा इस्तेमाल नहीं किया जैसा करना चाहिए था।’
प्रथम श्रेणी में एक तिहरा शतक जमाने वाले और आईपीएल-8 में रॉयल चैलेंजर बेंगलुरु के खिलाफ नाबाद 44 रनों के अधिकतम स्कोर के साथ अब तक ठीक ठाक प्रदर्शन करने वाले 23 साल के राहुल ने कहा, ‘पिछले साल मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला। मैं अब ज्यादा मजबूत और बेहतर क्रिकेटर बन गया हूं।’
राहुल ने कहा कि उनके क्रिकेट करियर का वर्तमान दौर महत्वपूर्ण है, जिसमें उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट में काफी रन बटोरे हैं और उतार-चढ़ाव के बावजूद वह इस दौर का लुत्फ उठा रहे हैं। कर्नाटक के इस युवा खिलाड़ी ने कहा, ‘हर किसी के खेलने का तरीका अलग है। मैंने ऑस्ट्रेलिया में खेलने का पूरा लुत्फ उठाया। मुझे लगता है कि वह बहुत कठिन क्रिकेट खेलते हैं और उनके खेल का तरीका बेहद कड़ा है। ऑस्ट्रेलिया में अच्छे प्रदर्शन के लिए आपके मानसिक एवं शारीरिक रूप से बहुत मजबूत होने की जरूरत है।’
कर्नाटक के लगातार दो बार रणजी ट्रॉफी जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले राहुल ने अंजिक्य रहाणे, विराट कोहली और शिखर धवन जैसे खिलाड़ियों के विदेशों में अच्छे प्रदर्शन के लिए भारतीय घरेलू क्रिकेट व्यवस्था को श्रेय दिया।
उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से यह व्यवस्था (घरेलू क्रिकेट का) बहुत अच्छी है। बाहर आ रहे किसी भी युवा खिलाड़ी को देखें। पहले लोग कहते थे कि भारतीय उछाल लेती गेंदों के खिलाफ संघर्ष करते हैं और अलग परिस्थितियों में विदेशों में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते।’ राहुल ने कहा, ‘विराट, रोहित, अंजिक्य, शिखर, मुरली विजय को देखें। वे हर कहीं निरंतरता के साथ प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड, इंग्लैंड, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया में शतक जमाए हैं।’ (भाषा)
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Publish Date: Fri, 08 May 2015 (22:13 IST)
Updated Date: Fri, 08 May 2015 (22:17 IST)