Publish Date: Sat, 25 Apr 2015 (12:22 IST)
Updated Date: Sat, 25 Apr 2015 (12:27 IST)
नई दिल्ली। अपने घरेलू मैदान पर 2 साल में पहली जीत दर्ज करने के बाद उत्साह से लबरेज दिल्ली डेयरडेविल्स और पिछले मैच से दमदार वापसी करने वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु दोनों टीमें रविवार को यहां जब आमने-सामने होंगी तो उनकी निगाहें आईपीएल-8 में अपना अभियान पूरी तरह से पटरी पर लाने पर टिकी रहेंगी।
डेयरडेविल्स ने पिछले मैच में मुंबई इंडियंस को 37 रन से हराया, जो फिरोजशाह कोटला में 21 अप्रैल 2013 के बाद उसकी पहली जीत थी।
कोटला में लगातार 9 मैच गंवाने के बाद हार का मिथक तोड़ने से दिल्ली को बड़ी राहत मिली है और अब उसकी निगाह यहां होने वाले बाकी दोनों मैचों में भी जीत दर्ज करने पर लगी है। आरसीबी के बाद दिल्ली यहां 1 मई को किंग्स इलेवन पंजाब से भिड़ेगी।
दिल्ली के कप्तान जेपी डुमिनी ने मुंबई के खिलाफ जीत के बाद कहा था कि यह थोड़ा छोटा मैदान है। हमें अभी यहां पर 2 मैच और खेलने हैं। उम्मीद है कि हम इन दोनों में भी जीत दर्ज करने में सफल रहेंगे।
आईपीएल-8 में दिल्ली का अभियान अभी तक उतार-चढ़ाव वाला रहा है। पहले 2 मैचों में हार के बाद उसने अगले 2 मैच जीते। उसके 6 मैचों में 3 जीत से 6 अंक हैं। आरसीबी की भी कमोबेश यही स्थिति है। उसने पहला मैच जीतने के बाद लगातार 3 मैच गंवाए लेकिन पिछले मैच में वह राजस्थान रॉयल्स को 9 विकेट से हराने में सफल रहा। इस तरह से उसके 5 मैचों में 4 अंक हैं।
दिल्ली के लिए सकारात्मक पहलू यह है कि उसने अब तक हर मैच विरोधी टीम को कड़ी टक्कर दी। पहले 2 मैच भी उसने आखिरी गेंद पर गंवाए थे और अब लगता है कि टीम धीरे-धीरे वह संयोजन हासिल करने की तरफ बढ़ रही है जिसकी उसे पिछले 2 वर्षों से तलाश थी।
श्रेयस अय्यर (6 मैचों में 227 रन) के रूप में दिल्ली को शीर्ष क्रम में एक भरोसेमंद बल्लेबाज मिल गया है, जो तेजी से रन बनाने की कला भी जानता है। इस 20 वर्षीय बल्लेबाज की मुंबई के खिलाफ 83 रन की पारी आखिर में निर्णायक साबित हुई थी।
एंजेलो मैथ्यूज ने मध्यक्रम को मजबूती दी है लेकिन युवराज सिंह, मयंक अग्रवाल और मनोज तिवारी अपेक्षानुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। युवराज को यदि खेलने के लिए अधिक ओवर मिलते हैं तो फिर बाएं हाथ का यह बल्लेबाज अपने आलोचकों को करारा जवाब देने के लिए बेताब होगा। उन्होंने अब तक 6 पारियों में 20.33 की औसत से 122 रन बनाए हैं। लेकिन डेयरडेविल्स को अब उस टीम का सामना करना है जिसके आक्रमण में लगातार सुधार हो रहा है।
आरसीबी का गेंदबाजी विभाग एक समय कमजोर माना जा रहा था लेकिन मिशेल स्टार्क के आने से उसे काफी मजबूती मिली है। इससे उसके अन्य गेंदबाजों के प्रदर्शन पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। स्टार्क ने रॉयल्स के खिलाफ पिछले मैच में 22 रन देकर 3 विकेट लिए थे।
दिल्ली के पास गेंदबाजी में काफी विकल्प हैं लेकिन फिर से उसकी रणनीति दोनों लेग स्पिनर इमरान ताहिर और अमित मिश्रा पर ही केंद्रित रहेगी। ताहिर ने विश्व कप के अपने अच्छे प्रदर्शन को आईपीएल में भी जारी रखकर अब तक 13 विकेट हासिल कर लिए हैं।
यदि पिच स्पिनरों को मदद करती है तो फिर बेंगलुरु के पास भी यजुवेंद्र चाहल और इकबाल अब्दुल्ला के रूप में 2 उपयोगी स्पिनर हैं और ऐसे में मुकाबला रोमांचक होगा।
दिल्ली के गेंदबाजों को क्रिस गेल, विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे दुनिया के धाकड़ बल्लेबाजों के सामने कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। इन तीनों में से कोई भी किसी भी तरह की गेंदबाजी की धज्जियां मिनटों में उड़ा सकता है।
आरसीबी के बल्लेबाजों का प्रदर्शन हालांकि उतार-चढ़ाव वाला रहा है और इसलिए उसे बीच में लगातार 3 मैचों में हार का सामना करना पड़ा।
गेल अब तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए और इस वजह से उन्हें 1 मैच में बाहर भी बैठना पड़ा लेकिन यह नहीं भूलना चाहिए कि कोटला इस कैरेबियाई बल्लेबाज के पसंदीदा मैदानों में से एक है। इसी मैदान पर उन्होंने 2012 में 128 रन की नाबाद पारी खेली थी। दर्शक निश्चित रूप से इस कैरेबियाई बल्लेबाज से फिर से इसी तरह की पारी की उम्मीद करेंगे।
कोहली का यह घरेलू मैदान है और इसलिए उनकी टीम को भी यहां पर्याप्त समर्थन मिलना तय है। इन दोनों टीमों के बीच अब तक कुल 13 मैच खेले गए हैं जिसमें से दिल्ली ने 5 और आरसीबी ने 7 मैच में जीत दर्ज की। 1 मैच टाई रहा जिसमें आरसीबी को अंक मिला था।
यदि कोटला की बात करें तो इस मैदान पर दोनों टीमों के बीच यह 6ठा मैच होगा। इनमें से पिछले तीनों मैच आरसीबी ने जीते हैं और उसकी निगाह अपना विजय अभियान जारी रखने पर रहेगी। (भाषा)
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Publish Date: Sat, 25 Apr 2015 (12:22 IST)
Updated Date: Sat, 25 Apr 2015 (12:27 IST)