Publish Date: Fri, 20 Apr 2018 (15:23 IST)
Updated Date: Fri, 20 Apr 2018 (15:38 IST)
बेंगलुरु। आईपीएल के 11वें संस्करण में शुरुआत से ही उतार-चढ़ाव से गुजर रही दिल्ली डेयरडेविल्स अपने नए कप्तान गौतम गंभीर के नेतृत्व में भी खास प्रदर्शन नहीं कर पा रही है और शनिवार को अपने अगले मुकाबले में विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ पटरी पर लौटने के लिए जोर लगाएगी।
गंभीर ने आईपीएल में 2 बार कोलकाता नाइटराइडर्स को चैंपियन बनाया है लेकिन उनके नेतृत्व में दिल्ली कुछ खास नहीं कर पा रही है और अपने पिछले 4 मैचों में केवल 1 ही जीत सकी है। पिछले मैच में उसे कोलकाता से हार झेलनी पड़ी और वह तालिका में आखिरी पायदान पर चल रही है। दूसरी ओर देश और दुनिया के भी स्टार क्रिकेटर विराट कोहली के नेतृत्व वाली बेंगलुरु का भी हाल बदला नहीं है।
विराट के अलावा एबी डीविलियर्स, क्विंटन डिकॉक जैसे जबरदस्त खिलाड़ियों वाली बेंगलुरु आईपीएल के पिछले 10 संस्करणों की तरह 11वें संस्करण में भी फिसड्डी ही साबित हो रही है और उसने भी पिछले 4 मैचों में केवल 1 ही मैच जीता है और वह 8 टीमों में 7वें नंबर पर है। बेंगलुरु ने अपना पिछला मैच मुंबई इंडियंस के हाथों 46 रन से गंवाया था, वहीं दिल्ली को कोलकाता ने 71 रनों से हराया था।
हालांकि दोनों ही टीमों के पास गंभीर और विराट जैसे 2 मजबूत लीडर हैं और उनकी कोशिश रहेगी कि वे अपनी-अपनी टीमों को जीत की पटरी पर ले आएं। बेंगलुरु यह मैच अपने घरेलू मैदान पर खेलने जा रही है और उसके लिए घरेलू परिस्थितियों और समर्थन का अतिरिक्त फायदा रहेगा, वहीं दिल्ली भी अब जीत के लिए पूरा जोर लगाने का प्रयास करेगी।
दिल्ली के नए कप्तान और उसके घरेलू खिलाड़ी गंभीर ने हार के बाद कहा था कि हारना कोई अपराध नहीं लेकिन लगातार आलोचना के बाद उन पर जीत के लिए दबाव काफी बढ़ गया है। दिल्ली आईपीएल की सबसे फिसड्डी टीमों में है जिसने 10 वर्षों में एक भी बार खिताब नहीं जीता है। दिल्ली ने पहला मैच पंजाब से 6 विकेट, दूसरा मैच राजस्थान से 10 रन से हारा था जबकि तीसरे मैच में उसे मुंबई पर 7 विकेट से जीत मिली। हालांकि वह कोलकाता के हाथों उसके घरेलू मैदान पर 71 रन से हारकर फिर से पटरी से उतर गई।
मुंबई के खिलाफ बड़े स्कोर का भी पीछा करने वाली दिल्ली ने केकेआर के खिलाफ महंगी गेंदबाजी की और बल्लेबाज इस बार लक्ष्य का पीछा नहीं कर सके। ओपनिंग में उतरे कप्तान गंभीर 8 रन ही बना पाए, वहीं जेसन रॉय और श्रेयस अय्यर ने भी निराश किया तो ऋषभ पंत के 43 तथा ग्लेन मैक्सवेल के 47 रनों के अलावा कोई अन्य बल्लेबाज टिक नहीं सका।
इस मैच में 2 बल्लेबाजों को छोड़कर कोई भी दहाई के आंकड़े तक नहीं जा सका जिसने टीम की गेंदबाजी के साथ उसकी बल्लेबाजी की कमियां भी उजागर कर दीं। कप्तान गंभीर का निजी प्रदर्शन भी अब तक खराब रहा है जिन्होंने 55, 15 और 8 रन की निराशाजनक पारियां खेली हैं। ऐसे में बेंगलुरु के सामने गंभीर पर दोनों विभागों में व्यापक सुधार करते हुए टीम के मनोबल बढ़ाने की चुनौती होगी।
दूसरी ओर आरसीबी को उम्मीद है कि वह घरेलू मैदान पर वापसी कर लेगी। कोच डेनियल वेट्टोरी के मार्गदर्शन और विराट के नेतृत्व में कागज पर बेंगलुरु निश्चित ही एक मजबूत टीम है लेकिन उसके खेल में निरंतरता का अभाव रहा है। पिछले मैच में वह मुंबई से 46 रनों से हारी थी। इस मैच में बेंगलुरु के गेंदबाजों ने खासा रन लुटाए और विपक्षी टीम ने 213 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर पहले ही मैच अपने नाम कर लिया।
बेंगलुरु के गेंदबाजों में उमेश यादव, वॉशिंगटन सुंदर, युजवेंद्र चहल और कोरी एंडरसन ने 11 के औसत से रन दिए जबकि बल्लेबाजों में फिर से निर्भरता विराट पर दिखी जिन्होंने ओपनिंग में 92 रनों की बेहतरीन पारी खेली। लेकिन दूसरे छोर पर उन्हें किसी से खास मदद नहीं मिली और उनके अलावा अन्य कोई बल्लेबाज 20 रन तक भी नहीं जा सका। डीविलियर्स मुश्किल समय में 1 रन पर आउट हुए तो डिकॉक ने 19 रन बनाए। ऑलराउंडर कोरी भी शून्य पर आउट हुए।
दोनों टीमों के लिए यह जीत पटरी पर लौटने से अधिक मनोबल बढ़ाने के लिए जरूरी है और दोनों कप्तानों को जीत के लिए शत-प्रतिशत प्रदर्शन करना होगा। (वार्ता)
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Publish Date: Fri, 20 Apr 2018 (15:23 IST)
Updated Date: Fri, 20 Apr 2018 (15:38 IST)