Publish Date: Mon, 07 May 2018 (00:20 IST)
Updated Date: Mon, 07 May 2018 (00:23 IST)
इंदौर। विराट कोहली जैसे तजुर्बेकार की आंखें भी किस तरह धोखा खा सकती है, इसका प्रमाण मिल गया है। केएल राहुल को कोहली ने अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए अनदेखा कर दिया था लेकिन आज उसी क्रिकेटर के बूते पर किंग्स इलेवन पंजाब प्लेऑफ में तीसरे स्थान पर पहुंच गई है।
कर्नाटक के क्रिकेटर राहुल किसी समय रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का हिस्सा हुआ करते थे लेकिन आईपीएल-11 के सत्र में विराट ने उन पर भरोसा नहीं किया। नजीजतन राहुल ऑक्शन में चले गए, जहां किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें 11 करोड़ रुपए में खरीदा।
किसी एक खिलाड़ी पर इतनी भारी भरकम रकम लगाने के कारण पंजाब की आलोचना होती रही कि जितनी प्रतिभा उनमें हैं, उससे कहीं ज्यादा पैसे दे रहे हैं लेकिन केएल राहुल ने आईपीएल के अपने पहले ही मैच में ऐसा करिश्मा कर डाला कि पूरी टीम को उन पर फख्र होने लगा। 8 अप्रैल को किंग्स इलेवन पंजाब की तरफ से खेलते हुए राहुल ने 14 गेंदों में आईपीएल इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक जड़ डाला।
किंग्स इलेवन पंजाब का यह सलामी बल्लेबाज किस तरह मैच के हिसाब से खुद को ढालता है, इसकी एक झलक इंदौर के होलकर स्टेडियम में उस वक्त देखने को मिली, जब टॉप ऑर्डर में क्रिस गेल के फेल होने के बाद भी वे आत्मविश्वास के साथ मैदान पर डटे रहे और विजयी चौके के साथ टीम को 6 विकेट से जीत दिलाकर ही मैदान से वापस लौटे।
राजस्थान रॉयल्स में जोफ्रा आर्चर, जयदेव उनादकट और गोपाल जैसे अच्छे गेंदबाजी आक्रमण के सामने भी केएल राहुल डटे रहे। यह बात भी सही है कि छोटे से स्कोर (152) के लक्ष्य को पाने के लिए पंजाब के पसीने छूटे लगे थे और यदि राहुल चले जाते तो मैच भी चला जाता। ऐसे में राहुल विकेट पर डटे रहे। उन्होंने 54 गेंदों पर 3 चौके और 7 छक्के जड़कर नाबाद 84 रन बनाए। वे अकेले के दम किंग्स इलेवन पंजाब को 6 विकेट से जीत दिलाने में सफल रहे।
webdunia
Publish Date: Mon, 07 May 2018 (00:20 IST)
Updated Date: Mon, 07 May 2018 (00:23 IST)