Publish Date: Sun, 18 Oct 2015 (13:07 IST)
Updated Date: Sun, 18 Oct 2015 (14:12 IST)
अजमेर। राजस्थान के अजमेर में विश्वप्रसिद्ध ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती दरगाह स्थित बाबा फरीद का चिल्ला रविवार तड़के जायरीनों के लिए खोलने के साथ ही मातमी त्योहार मोहर्रम का आगाज हो गया।
जियारत के लिए दरगाह स्थित बाबा फरीद का चिल्ला खुलते ही जायरीनों में उसमें पहले प्रवेश की होड़ लग गई। इसमें प्रवेश के लिए जायरीन रात से ही लाइन लगाकर खड़े थे।
इमाम हुसैन की शहादत की स्मृति में बाबा फरीद का चिल्ला साल में मोहर्रम के अवसर पर 3 दिन के लिए खोला जाता है। इसमें प्रवेश के लिए अकीदतमंदों में भारी उत्साह रहता है।
मुस्लिम कैलेंडर के पहले मास की चौथी तिथि से खुलने वाला बाबा फरीद का यह चिल्ला 7वीं तिथि तक जायरीनों के लिए खुला रहता है। इस बार यह चिल्ला 21 अक्टूबर की रात 12 बजे बंद किया जाएगा।
21 अक्टूबर तक चलने वाले मोहर्रम के इस मिनी उर्स के तहत जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और भगदड़ रोकने की दृष्टि से कड़े प्रबंध किए हैं। इसके तहत दरगाह क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात करने के साथ ही रस्सियों से बैरिकेडिंग की गई है।
उल्लेखनीय है कि सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के गुरु बाबा फरीद एक बार यहां आए थे और इसी चिल्ले पर बैठकर अपनी उपासना की थी।
चूंकि बाबा फरीद मुस्लिम कैलेंडर के पहले माह में यहां आए थे इसी कारण यह चिल्ला इन्हीं दिनों जायरीनों के लिए खोला जाता है।
बाबा फरीद का यह चिल्ला भारतीय संस्कृति के गुरु-शिष्य परंपरा का अनूठा संगम भी माना जाता है। (वार्ता)