मुस्लिम समाज के पवित्र रमजान माह के दो अशरे गुजरने के बाद तीसरे अशरे में शबेकद्र शुरू हुई। शनिवार को 27वीं शब सबसे बड़ी शब के रूप में मनाई जाएगी। इस रात्रि में पूरे माह नमाजे तरावीह में सुनाया (पढ़ा) गया कुरआन पूरा होगा।
रमजान माह की सबसे अफजल रात शबेकद्र पर मुस्लिम धर्मावलंबी अपने पूर्वजों की मगफिरत के लिए कब्रस्तान जाकर दुआएँ करेंगे तथा रातभर जागकर कुरआन की तिलावतें व नफिल नमाज अदा करेंगे। सबसे बड़ी शब के दिन मौलवी और मौअज्जनों को इनाम व इकराम से नवाजा जाएगा।
देश की तरक्की, खुशहाली, आपसी भाईचारा व अमन-अमान के लिए मस्जिदों में दुआएँ भी की जाएँगी। अंत में तबर्रूक तकसीम किया जाएगा। रात्रि में मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विशेष कुरआनख्वानी भी होगी।