अब चीन में शुरू हुई गूगल की नाकेबंदी
शंघाई, सर्वाधिक लोकप्रिय सर्च इंजन गूगल कारोबारी जंग में माइक्रोसॉफ्ट के बाद अब चीन के सर्च इंजन बाइदू से जा भिड़ा है। इस जंग में कंपनी की चीन शाखा के अध्यक्ष ली काइ फू को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ रही है। ली के स्थान पर कंपनी के क्षेत्रीय ब्रिकी एवं संचालक प्रबंधक जान लिउ को चीन शाखा का अध्यक्ष बनाया जाएगा। चीन सरकार देश में गूगल के लिए कुछ क़ड़े नियम लेकर आ रही है। उनके आधार पर देश में गूगल पर पाबंदिया लगाई जा सकती हैं। चीन सरकार चाहती है कि गूगल सर्च इंजन के जरिए कुछ इंटरनेट साइटों को खोजने पर सेंसर लगाया जाए। कंपनी सरकार के साथ कानूनी लड़ाई में उलझी हुई है। सरकार की ओर से यह प्रतिबंध खासतौर पर अश्लील साइटों के सर्च पर रोक लगाने के लिए है। इसके तहत सरकार चाहती है कि सभी पर्सनल कंप्यूटरों में एक ऐसा 'ग्रीन डैम' सॉफ्टवेयर लगा दिया जाए जो सर्च इंजनों के जरिए खोली जाने वाली अश्लील साइटों को खुद-ब-खुद रोक दे। गूगल उसके सर्च इंजन पर किसी तरह की पाबंदी का विरोध कर रहा है। बाजार के जानकारों के मुताबिक चीन के इंटरनेट सर्च बाजार में बाइदू की हिस्सेदारी 61.6 प्रतिशत है जबकि गूगल की 29 प्रतिशत। इस हालत में पाबंदियों से गूगल का कारोबार और प्रभावित होने की आशंका है लेकिन पाबंदियों से जूझने के लिए भी गूगल ने कमर कस ली है। प्रबंधन दीर्घकालिक रणनीति बनाने में जुट गया है। इसके तहत सोशल नेटवर्किंग को बढ़ावा दिया जाएगा।