ई-मेल आया है, लॉटरी की खबर लाया है
-राजीव शर्मा
ई-मेल का प्रयोग करने वाले सभी लोगों को हार्दिक बधाई ! किस बात की? अरे, आपकी लॉटरी जो लगी है। क्या? ई-मेल नहीं मिला अभी तक ! चलिए कोई बात नहीं। आज नहीं तो कल, मिल ही जाएगा। ऐसा ई-मेल सभी को मिल रहा है। इंटरनेट की दुनिया में आजकल यही हो रहा है। सभी लोग एकाएक किस्मत वाले बन गए हैं और ऊपर वाला छप्पर फाड़कर ई-मेल पर आपकी 'लॉटरी' खुलवा रहा है। असल में यह 'ऊपर वाला' और कोई नहीं बल्कि साइबर जगत का ही कोई अपराधी है जो आपको किसी मोटी-सी लॉटरी के लालच में फंसाकर आपके खाते से पैसा वसूलना चाहता है इसलिए ऐसे किसी भी ई-मेल के संबंध में सावधानीपूर्ण ही व्यवहार करें।इंटरनेट ने हमारी जिंदगी को आसान तो बना दिया है लेकिन इंटरनेट के ऐसे ठगों ने यहाँ भी विभिन्न हथकंडे अपनाते हुए अपनी पैठ बनानी शुरू कर दी है। ये साइबर ठग हर बार नए-नए तरीके अपनाते हुए लोगों का धन हड़पना चाहते हैं। कभी आपको ढेर सारी बधाई देते हुए बताया जाता है कि आपकी इतने करोड़ डॉलर की ऑनलाइन लॉटरी निकली है। इतने हजार डॉलर का टैक्स चुका कर ले लीजिए। इसी तरह, कभी किसी ई-मेल में कहा जाता है कि एक करोड़पति रिश्तेदार मरने के बाद अपनी करोड़ों की जायदाद मेरे नाम छोड़ गया है लेकिन मैं एक गरीब आदमी हूँ। जायदाद अपने नाम कराने के लिए अदालती कार्यवाही के लिए मुझे कुछेक हजार डॉलर चाहिए। जो भी व्यक्ति आज मेरी मदद करेगा मैं उसे उस जायदाद का हिस्सेदार बनाकर 20-25 प्रतिशत हिस्सा दे दूँगा। कई बार कोई ऐसा ई-मेल भी होता है कि हम आपके देश में नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं। इसके लिए हम आपको अपना 'बिजनेस पार्टनर' बनाना चाहेंगे। सारी पूँजी हमारी होगी, आपको सिर्फ प्रबंधन का काम करना होगा। लाभांश के अलावा हर माह तीन लाख रुपए का वेतन भी दिया जाएगा। अगर आप इस बिजनेस के इच्छुक हैं तो पंजीकरण के लिए आपको एक बार पाँच हजार डॉलर का शुल्क देना होगा। ये ऐसे उदाहरण हैं जिनमें पैसा चला तो जाता है लेकिन कभी आता नहीं। ललचाने वाली ऐसी ई-मेल भेजने के ज्यादातर मामलों में इन लोगों की कोशिश यही रहती है कि आप उनके संदेश का जवाब अवश्य दें या उनके द्वारा भेजे गए ई-मेल के किसी खास लिंक पर अवश्य क्लिक करें। कई बार कुछ लोग उनके इस झाँसे में फँस भी जाते हैं। उक्त लिंक पर क्लिक करते ही वे लोग आपके कंप्यूटर तक पहुँचने का रास्ता पता कर लेते हैं। इसके बाद तो आपके द्वारा ऑनलाइन खातों में लॉग इन करने के लिए उपयोग किए जाने वाली आईडी, यूजर नेम और पासवर्ड वगैरह की तमाम जानकारियाँ भी उन लोगों तक पहुँचती रहती हैं। ये सारी जानकारी मिलते ही वे लोग आपका पैसा निकलवाते या स्थानांतरित करवाते हुए आपका अकाउंट खाली कर देते हैं।