प्रभु से सीधी बात इंटरनेट पर!
-राधिका वासुदेव
भगवान से अपनी परेशानी बाँटना चाहते हैं? अगर जवाब हाँ में है तो आगे की कहानी को जरा गौर से पढ़िए। चिट्ठी के जरिए भगवान को अपनी भावनाएँ प्रेषित करने का तरीका अब पुराना हो चला है। आजकल लोग इसके लिए तकनीक का सहारा लेने लगे हैं। भई अगर जमाना हाईटेक हुआ है तो जमाना बनाने वाला भला क्यूँ न होगा? तो पेश है 'भगवान इंटरनेट वाले' (आप चाहें तो 'बैकग्राउंड' में ढेन-टे नेनन... का सहारा भी ले सकते हैं)।बात सुनकर शायद आपको अजीबो-गरीब शक्लें बनाने वाले हॉलीवुड अभिनेता जिम कैरी की फिल्म 'ब्रूस अल्मायटी' याद आ जाए। जिसमें भगवान द्वारा शक्तियाँ प्राप्त कर लेने के बाद जिम कैरी, भगवान के नाम से इंटरनेट पर आ रही लोगों की प्रार्थनाओं और इच्छाओं को ताबड़तोड़ पूरा करने की कोशिश करते हैं। दिलचस्प बात ये थी कि भगवान भी इंटरनेट के माध्यम से अपने भक्तों की प्रार्थनाएँ सुनता है!खैर चलिए हम मुद्दे पर आते हैं। तो मुद्दे की बात यह है कि अगर आप अकेले में भगवान से अपनी दिल की बात कहते हैं, वो सबकुछ उसके साथ बाँट डालते हैं जो किसी भी अपने के साथ नहीं बाँट सकते, अपनी ख्वाहिशों की फेहरिस्त उसके सामने लहरा देते हैं और हाथ जोड़कर विनती करते हैं कि भगवान इन्हें जरूर पूरा कर देना, तो अब आपके सामने इंटरनेट जैसी त्वरित सुविधा मौजूद है और इसका लाभ उठाने वालों में सबसे आगे है युवा पीढ़ी, जाहिर है। इंटरनेट पर आपको आज ऐसी कई साइट्स मिल जाएँगी जो आपकी प्रार्थना को भगवान तक पहुँचाने का दावा करती हैं। इनमें से कोई साइट किसी प्रसिद्ध तीर्थस्थल की दीवारों पर आपके संदेश चिपकाने या आपकी प्रार्थना को वहाँ तक पहुँचाने का वादा करती है, तो कोई साइट इस बात में भी विश्वास करती है कि भगवान तो कण-कण में व्याप्त है। अतः आप कहीं से भी चिट्ठी लिखें, वह पढ़ ही लेगा। पिछले कुछ ही महीनों में न केवल ऐसी साइट्स की संख्या में जबरदस्त बढ़ावा हुआ है बल्कि इन पर भगवान को खत लिखने वालों की भी बाढ़ सी आ गई है। इनमें साधारण परीक्षा में पास करवाने से लेकर कैंपस में अच्छी कंपनी में सिलेक्शन करवा देने तथा अपने झूठ या छिटपुट पापों (गलतियों) का कन्फेशन तक करने का काम युवा धड़ल्ले से कर रहे हैं। यहाँ एक संतुष्टि तो यह कि कोई और उन्हें जानने वाला उनके किसी राज से रूबरू नहीं होगा, दूसरे भगवान उनकी इच्छा सुन लेंगे। हाँ, इन साइट्स पर बकायदा आपको भगवान तक संदेश भिजवाने के लिए अपनी जेब भी ढीली करनी होगी। अब, आखिर यूँ ही तो कोई फ्री-फोकट में इतनी दूर आपका संदेश लेकर जाने से तो रहा। संदेश पहुँचा या नहीं यह पता करने के लिए आप क्या कर सकते हैं, फिलहाल यह बात भगवान ही जानते हैं। हम दुआ करते हैं कि आपकी प्रार्थना स्वीकार हो। आमीन।