गरिमा माहेश्वरी
कंप्यूटर पर गाने सुनना, मल्टीमीडिया पर काम करना, ऑडियो-वीडियो को एडिट करना सभी कंप्यूटर उपयोगकर्ताओं की पसंद होता है लेकिन यह काफी कम लोग जानते हैं कि वे अपने कंप्यूटर पर गाने एक साउंड कार्ड के माध्यम से सुन पाते हैं।साउंड कार्ड एक कंप्यूटर एक्सपेंशन कार्ड है जिसकी सहायता से ऑडियो सिग्नल कंप्यूटर को मिलते हैं और इसी के माध्यम से यह हमें म्यूजिक के रूप में सुनाई देते हैं। यह सब एक कंप्यूटर प्रोग्राम के नियंत्रण में होता है।ज्यादातर साउंड कार्ड डिजिटल सिग्नल को ऐनेलॉग सिग्नल में बदलकर कार्य करते हैं। साउंड कार्ड की एक विशेषता है ‘टेलिफोनी’ नामक तकनीक जिसकी वजह से वह एक साथ भिन्न-भिन्न प्रकार के साउंड एक साथ प्ले कर सकता है। इसलिए कंप्यूटर पर म्यूजिक में होने वाली हर प्रकार का साउंड साफ सुनाई देती है। |
| साउंड कार्ड एक कंप्यूटर एक्सपेंशन कार्ड है जिसकी सहायता से ऑडियो सिग्नल कंप्यूटर को मिलते हैं और इसी के माध्यम से यह हमें म्यूजिक के रूप में सुनाई देते हैं। यह सब एक कंप्यूटर प्रोग्राम के नियंत्रण में होता है।
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साउंड कार्ड पर कई तरह के अलग-अलग रंगों के कनेक्टर लगे होते हैं जिनके माध्यम से यह कंप्यूटर में जोड़ा जाता है।
इसका निर्माण
साउंड कार्ड की सबसे पहली निर्माता ‘ऐडलिब’ नामक एक कंपनी थी जिसने ‘यामाहा वायएम3812’ पर निर्भर एक कार्ड बनाया। उसी समय क्रिएटिव म्यूजिक सिस्टम नामक कंपनी ने एक कार्ड तैयार किया।
साउंड कार्ड का विकास
साउंड कार्ड के निर्माण में तब अचानक बदलाव आया जब क्रिएटिव लैब्स ने अपना साउंड ब्लास्टर बाजार में उतारा। गेमिंग के बढ़ते चलन और गेम के साथ साउंड की सुविधा की माँग ने इस विकास को और बढ़ावा दिया।
इसी तरह धीरे-धीरे विकसित होते साउंड कार्ड की वजह से आज हम मल्टीमीडिया का प्रयोग हमारे कंप्यूटर पर कर पाते हैं।