हर पल रहे बॉस की नजर
तकनीक से बॉस भी बने जासूस
टेक्नोलॉजी ने कॉर्पोरेट बॉस का जीवन काफी आसान कर दिया है। अब कोई कर्मचारी तड़ी मारने के लिए बॉस को बुद्धू बना जाए, यह जरा मुश्किल है। नई टेक्नोलॉजी की मदद से बॉस अपने कर्मचारियों पर हर पल नजर रख सकते हैं... तब भी जब कर्मचारी दफ्तर परिसर से बाहर हों। तरीके अनेक हैं, जो अमेरिका जैसे देशों में तो आजमाए भी जा रहे हैं। जीपीएस देगा साथ :एक तरीका तो यह है कि सभी कर्मचारियों को कंपनी की ओर से एक-एक मोबाइल फोन पकड़ा दो और फिर 'जोरा' नामक एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम की बदौलत जीपीएस टेक्नोलॉजी की मदद से पता करो कि इस वक्त अमुक फोन (और उसका धारक) कहाँ है। अब यह नहीं हो सकता कि कोई व्यक्ति पिकनिक स्थल की ओर जाते-जाते रास्ते में बॉस को फोन कर कह दे कि मेरी तबीयत बहुत खराब है, बिस्तर से उठ भी नहीं पा रहा हूँ, आज ऑफिस नहीं आऊँगा। सर्फकंट्रोल सॉफ्टवेयर देगा जानकारी : |
| नई टेक्नोलॉजी की मदद से बॉस अपने कर्मचारियों पर हर पल नजर रख सकते हैं... तब भी जब कर्मचारी दफ्तर परिसर से बाहर हों।
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ऐसा ही एक सॉफ्टवेयर है सर्फकंट्रोल। इसकी मदद से बॉस इस बात की खबर रख सकते हैं कि दफ्तर में किसी कम्प्यूटर पर कौन-कौन-सी वेबसाइट्स खोलकर देखी जा रही है। कम्प्यूटर द्वारा तो कर्मचारियों पर बड़े पैमाने पर शिकंजा कसा जा सकता है। बॉस यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि कर्मचारी एक सीमित दायरे में ही इंटरनेट पर सर्च कर सकें तथा यदि ईमेल पर जोक्स का आदान-प्रदान हो रहा है, तो वह भी पकड़ में आ जाए।
सर्फकंट्रोल, मैसेजगेट तथा वर्कशेयर जैसे सॉफ्टवेयर के जरिए कुछ खास की-वर्ड्स पाए जाने पर ईमेल बाहर भेजे जाने से रोका जा सकता है। इसके जरिए यह सुनिश्चित किया जाता है कि कर्मचारी कोई ट्रेड सीक्रेट अथवा अन्य गोपनीय जानकारी बाहर नहीं भेज सके। फोन पर भी जमकर जासूसी होती है।
नाइस सिस्टम्स का करें प्रयोग:
नाइस सिस्टम्स नामक प्रोग्राम के जरिए यह देखा जाता है कि कहीं कर्मचारी एक निश्चित सीमा से ऊँची आवाज में तो नहीं बोल रहा या अपशब्दों का प्रयोग या फिर किसी प्रतिस्पर्धी कंपनी का नाम तो नहीं ले रहा। उक्त तमाम तरीकों से कर्मचारियों की जासूसी करना अमेरिका में जायज है, बशर्ते कंपनी द्वारा पहले से ही कर्मचारियों को चेता दिया जाए कि उन पर नजर रखी जा रही है। यह चेतावनी किसी नियम पुस्तिका के एक कोने में छपी एक पंक्ति भी हो सकती है जिसे सिगरेट के पैकेट पर छपी वैधानिक चेतावनी की भाँति कोई नहीं पढ़ता।
अगर ऐसे कुछ सॉफ्टवेयर भारत में कर्चारियों पर नजर रखने के लिए उपयोग किए जाएँ तो शायद यहाँ काम का स्तर सुधारा जा सकता है। कम से कम इसी बहाने कंपनी के कर्मचारियों के आचरण पर तो नजर रखी जा सकेगी।