Publish Date: Thu, 26 Jun 2025 (23:51 IST)
Updated Date: Thu, 26 Jun 2025 (23:53 IST)
दूरसंचार विभाग ने मोबाइल फोन नंबरों के जरिए की जाने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए साइबर सुरक्षा नियमों में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। विभाग की तरफ से 24 जून को प्रकाशित मसौदा साइबर सुरक्षा नियमों में फोन नंबर सत्यापन के लिए एक नया मंच बनाने की बात कही गई है। इसमें वे संस्थाएं भी शामिल होंगी जो ग्राहकों की पहचान के लिए फोन नंबर का इस्तेमाल करती हैं। इनमें बैंक भी शामिल हैं जो यूपीआई लेनदेन के लिए फोन नंबर का उपयोग करते हैं।
नई व्यवस्था में 'एमएनवी मंच' शामिल किया जाएगा जिसके जरिए अधिकृत संस्थाएं और लाइसेंसधारक फोन नंबर का सत्यापन कर सकेंगे। इससे यह जांचा जा सकेगा कि किसी उद्यम या उपयोगकर्ताओं का मोबाइल नंबर किसी अधिकृत संस्था या लाइसेंसधारी के डेटाबेस में मौजूद है या नहीं।
नए साइबर सुरक्षा नियमों में उन इकाइयों के लिए भी प्रावधान किए गए हैं जो ग्राहकों या उनके लेनदेन की पहचान के लिए फोन नंबर का उपयोग करती हैं। नए नियम में केंद्र या राज्य सरकारों की तरफ से अधिकृत इकाई द्वारा संचालित दूरसंचार डेटाबेस में मोबाइल नंबर की स्थिति के सत्यापन के लिए प्रति अनुरोध 1.5 रुपए का शुल्क सुझाया गया है।
नए संशोधनों के लागू होने के बाद किसी अन्य इकाई को मोबाइल नंबर सत्यापन के लिए प्रति अनुरोध तीन रुपये का भुगतान करना होगा। दूरसंचार विभाग ने मसौदा नियमों के प्रकाशन के 30 दिनों के भीतर मसौदे पर इच्छुक पक्षों से टिप्पणियां मांगी हैं। भाषा Edited by : Sudhir Sharma