एक समय यह था कि दूरसंचार निगम के टेलीफोन की संख्या तेजी से घटते जा रही थी। आधारभूत फोन के बिल नहीं भरने के कारण या तो निगम फोनों को विच्छेदित कर रहा था या फिर उपभोक्ता आवेदन पत्र देकर अपना संयोजन विच्छेदित करवा रहे थे। अब हालात बदल चुके हैं और योजना आते ही शहरी क्षेत्र में ही 225 फोन बढ़ गए हैं।
लैंडलाइन फोन की तादाद को लेकर एक समय निगम की स्थिति यह हो गई थी कि उनके फोन संख्या घटने लगी थी। श्री श्रीवास्तव ने बताया कि 225 फोन में हमारे पास में निजी कंपनी के फोन कनेक्शन कटवाकर भी लोग हमारे पास आए हैं।
साथ ही जो बिल भरने के कारण बंद थे, वे भी फोन चालू करवाए जा रहे हैं। इसके अलावा नए संयोजन भी दिए जा रहे है। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से निगम के लैंडलाइन की संख्या बढ़ी है और उसके कारण राजस्व में भी वृद्घि होगी।