Publish Date: Wed, 06 Feb 2008 (11:51 IST)
Updated Date: Wed, 06 Feb 2008 (11:50 IST)
गूगल ने याहू को खरीदने की माइक्रोसॉफ्ट की योजना में कथित रूप से सेंध लगाने का मन बना लिया है। न्यूयॉर्क टाइम्स के अनुसार गूगल ने माइक्रोसॉफ्ट को याहू के लिए 44.6 अरब डॉलर की बोली लगाने से रोकने के लिए जोरदार प्रयास शुरू कर दिए हैं।
गूगल ने खुले तौर पर सामने आकर इस सौदे का विरोध किया है और तर्क दिया है कि माइक्रोसॉफ्ट के प्रस्ताव से प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुँचेगा और इस पर पूरी दुनिया के नीति-निर्माताओं को नजर रखने की जरूरत है। गूगल ने सौदे को खुद पर हमला मानते हुए इससे निपटने के लिए कदम उठाए हैं।
गूगल के सीईओ एरिक ई. ईश्मड ने याहू के सीईओ जेरी यांग को फोन कर माइक्रोसॉफ्ट से लड़ने के लिए आपस में भागीदारी करने की पेशकश की है। गूगल की योजना के विषय में जानने वाले लोगों का कहना है कि कंपनी ने यह तैयारी भी शुरू कर दी है कि वे प्रकरण को कानून बनाने वालों के सामने कैसे रखेंगे। गूगल को संभवतः लंबी कानूनी समीक्षा के कारण मदद मिल जाएगी जब तक कि अमेरिका में नए राष्ट्रपति अपना पद ग्रहण नहीं कर लेते।
गूगल के कई कर्मचारियों ने पिछले सप्ताहांत टाइम वार्नर जैसी सहयोगी कंपनियों को फोन कर यह जानने की कोशिश की कि क्या वे गूगल द्वारा माइक्रोसॉफ्ट को दी जा रही चुनौती में उसका साथ देंगे। एओएल, टाइम वार्नर की कंपनी है और एओएल में गूगल की पाँच प्रतिशत हिस्सेदारी है।
याहू के लिए बोली लगाते समय माइक्रोसॉफ्ट का कहना है कि पिछली एंटी ट्रस्ट डील की कानूनी अड़चनें इस मामले में उसके खिलाफ नहीं जाएँगी क्योंकि यह मामला पर्सनल कम्प्यूटर सॉफ्टवेयर से जुड़ा हुआ नहीं है, यह इंटरनेट का मामला है। उल्लेखनीय है कि सन् 2001 में अमेरिका की एक फेडरल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने माइक्रोसॉफ्ट को अपने एकाधिकार को बचाने के लिए गलत तरीकों का प्रयोग करने का दोषी पाया था।
गूगल द्वारा माइक्रोसॉफ्ट के सौदे को पलटने की कोशिश उसी के पुराने कामों का नतीजा है। इससे पहले माइक्रोसॉफ्ट ने गूगल के ऑन लाइन एडवर्टाइजिंग स्पेशलिस्ट 'डबल क्लिक' के लिए 3.1 अरब डॉलर की बोली लगाई थी। याहू ने इस पर चुप्पी साध रखी है। उसका कहना है कि वह माइक्रोसॉफ्ट और अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। वे सबसे अच्छा सौदा करेंगे, जो शेयरधारकों के हित में हो। मामले में याहू और माइक्रोसॉफ्ट ने टिप्पणी से इंकार कर दिया।