Publish Date: Sat, 03 Nov 2007 (18:01 IST)
Updated Date: Sat, 03 Nov 2007 (18:01 IST)
भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) इसी माह से 30 लाख नए ब्राडबैंड कनेक्शन देना शुर करेगी जिसके लिए लाइनें तैयार हैं। इसके अलावा कंपनी सीडीएमए की पूर्ण मोबाइल सेवा शुर करने पर भी विचार कर रही है।
बीएसएनएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक कुलदीप गोयल ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि कंपनी के इस समय साढ़े ग्यारह लाख ब्राडबैंड उपभोक्ता हैं। उसने 30 लाख लाइने और तैयार कर ली हैं और इसी माह से इन पर कनेक्शन देने शुरु कर दिए जाएँगे। इसके अलावा कंपनी ने 20 लाख और लाइनों के लिए आर्डर दे दिए हैं, जो सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों के लिए होगी इनके लिए उपकरण अगले वर्ष जनवरी से मार्च के बीच आ जाएँगे।
उन्होंने बताया कि कंपनी सीडीएमए की पूर्ण मोबाइल सेवा शुरु करने पर भी विचार कर रही है। अभी वह जी एस एम मोबाइल सेवा दे रही है और सी डीएमए में डब्ल्यूएलएल सेवा दे रही है।
सरकार ने हाल ही में मौजूदा जी एस एम आपरेटरों को सीडीएमए सेवा तथा सी डी एम ए आपरेटरों को जी एस एम सेवा शुर करने की अनुमति देने को निर्णय लिया है1
गोयल ने बताया कि कंपनी निजी ऑपरेटरों के टावरों में साझेदारी के लिए पांच नवंबर को निविदा आमंत्रित करेगी। उन्होंने कहा कि बाद में कंपनी अपने टावर की भी साझेदारी करेगी। उन्होंने बताया कि कंपनी को अगले एक वर्ष में देशभर में 25 हजार टावर की जरूरत होगी।
मित्तल ने दूरसंचार विभाग के सचिव को एक पत्र लिखकर स्पेक्ट्रम आवंटन के बारे में टेलीकाम इंजीनियंरिंग सेंटर (टीईसी) की उन सिफारिशों को बेतुका बताया है, जिनमें अतिरिक्त स्पेक्ट्रम आवंटन को उपभोक्ताओं की संख्या बढाने से जोड़ा गया है। पत्र में उन्होंने यह भी कहा है कि मौजूदा नीति के तहत भी उपभोक्ता आधार का दायरा पूरा न करने के बावजूद बी एसएनएल तथा एम टीएनएल को उदारता से स्पेक्ट्रम दिया गया।
उन्होंने कहा कि इन दोनों कंपनियों के पास सबसे अधिक स्पेक्ट्रम होने के बावजूद ये अक्षम सेवा प्रदाता हैं। स्पेक्ट्रम आवंटन के नए नियम लागू करने से पहले एमटीएनएल से दिल्ली और मुंबई में स्पेक्ट्रम का एक बड़ा हिस्सा वापस लेकर यह दिखाया जाना चाहिए कि अच्छी गुणवत्ता का नेटवर्क कैसे चलाया जा सकता है।
बीएसएनएल अध्यक्ष ने देश में दूरसंचार उद्योग में स्वस्थ प्रतिस्पर्द्धा है और कंपनी दूसरे सेवा प्रदाताओं पर कोई आक्षेप नहीं करती है। उन्होंने कहा कि एयरटेल ने जो प्रगति की है हम उसकी सराहना करते हैं।
एक सवाल पर उन्होंने कहा कि स्पेक्ट्रम के पूरे और सही इस्तेमाल के लिए सेवा प्रदाताओं की नए टावर बनाने पड़ सकते हैं और गुणवत्ता सुधारने के लिए पूंजी निवेश करना पडेगा। यह पूछने पर कि इससे लागत बढ़ने पर कया बीएसएनएल शुल्क दरों में वृद्धि करेगी उन्होंने कहा कि कंपनी हमेशा जनहित को देखती है और ऐसी कोई संभावना नहीं लगती।