सरकार दखल नहीं देगी
सत्यम के मामलों में मध्यस्थता नहीं
भारत सरकार ने कहा है कि वो अब घोटाला ग्रस्त कंपनी सत्यम के मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी।
सरकार ने टेक महिन्द्रा द्वारा सत्यम को खरीदे जाने के बाद सत्यम में होने वाली किसी भी छँटनी प्रक्रिया या कर्मचारियों को नौकरी से निकाले जाने संबंधी विवाद में मध्यस्थता करने से साफ इंकार किया है।
सरकार ने ये कहते हुए अपना पक्ष रखा है कि यदि हम कर्मचारियों को नौकरी नहीं दे सकते तो हम इस मामले में क्यों पड़ें कि उन्हें निकाला जाए या न निकाला जाए। सरकार से पूछा गया था कि अगर सत्यम में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को निकाला जाता है तो क्या सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करेगी।
सरकार का कहना है कि सत्यम को टेक महिन्द्र ने खरीदा है और अब सरकार की कंपनी मामलों में कोई सक्रिय भूमिका नहीं रही है। मंदी के इस दौर में सभी कंपनियाँ लागत में कमी के उपाय कर रहीं हैं और सत्यम में ऐसा होता है तो सरकार का इसमें मध्यस्थता करना उचित नहीं होगा। यह कंपनियों का आंतरिक मसला है।