चूहेजी की रपट लिखाने, बिल्ली पहुंची थाने। जगह-जगह पर खोद लिए हैं, उसने बिल मनमाने। जब भी जाती उसे पकड़ने, बिल में घुस जाता है। दिनभर रहती खड़ी मगर, वह बाहर न आता है। कोतवाल ने रपट अभी तक, लिखी न मेरे भाई। चूहे के संग...