निकल कड़ाही से जब बाहर, गरम जलेबी आई। एक पड़ोसन मक्खी झटपट, खाने को ललचाई। कूदी गरम जलेबी पर तो, बना वहीं पर भुर्ता। हाय-हाय कर बैठे ग्राहक, उसे देखकर मरता। लालच बुरी बला होती है, मेरे प्यारे भाई। लालच जो करते हैं उन पर, ही यह शामत आई।