नहीं आजकल उसको, और कुछ सुहाता है। खेल उसे बच्चों के, साथ बहुत भाता है। न उसे कबड्डी ही, खो-खो ही आती है। पिट्ठू पर बार-बार, गेंद चूक जाती है। हार-हार बच्चों से, खूब मार खाता है खेल उसे बच्चों के, साथ बहुत भाता है। ढोलक न,...