सूरज दादा सूरज दादा।।
तुमको नानी घर जाना होगा।।
जीव-जंतु सब व्याकुल हैं जो।।
उनकी प्यास बुझाना होगा।।
उमस बढ़ी है ज्येष्ठ तड़पता।।
कई बीमार हैं कोई मरता।।
प्रचंड आग बुझाना होगा।।
सूरज दादा सूरज दादा।।
तुमको नानी घर जाना होगा।।
बिजली घर में नहीं हमारे।।
न इतने बड़े अमीर।।
एक जून में मिलती रोटी।।
फूटी है तकदीर।।
ठंडी-ठंडी बूंद गिरा के।।
जन-जन में आश जगाना होगा।।
सूरज दादा सूरज दादा।।
तुमको नानी घर जाना होगा।।