बस या ट्रेन में सफर करते हुए मिल ही जाते हैं अच्छे लोग, कहीं भी और कभी भी अच्छे लोग नहीं भूलते बूढ़ों को रास्ता पार कराना कुत्ते को रोटी देना बच्चों के लिए प्यारी कविताएँ पढ़ना या फिर चुपचाप काम में लगे रहना, अपने छोटे-छोटे कामों में लगे रहते हैं अच्छे लोग, वे नहीं होते सूरमा कि लड़ सकें पर वे लड़ाई को रोक जरूर सकते हैं अच्छे लोगों के होने भर से रुक जाते हैं बड़े झगड़े यह बता पाना मुश्किल है कि अच्छे लोग क्यों करते हैं किसी की मदद, अच्छे लोग पता नही अपनी अच्छाई कहाँ से लाते हैं, क्या जन्म से बुरे लोगों से अलग थे वे?
पता नहीं, पर वे दूसरों से अलग तो होते हैं हम अगर हैं थोड़े-से भी अच्छे तो हमें मिल ही जाते हैं अच्छे लोग लाख बुरी मगर चल रही है यह दुनिया क्योंकि अपनी चाल से चल रहे हैं अच्छे लोग