FILE सुबह-सुबह आकर समझातीहम सबको जाड़े की धूप।जितनी सूरज की किरणें हैंउतने हैं बचपन के रूप।आंख खुले तब नमन सभी कोनित शाला को जाना,नदी-नाव से मिलजुल रहनासबको सुखी बनाना।...