दशहरा ऐसे मनाएं चाहे भले हीहमारी दृष्टिहो कमजोर।पर दूसरे कीगलतियां बुराइयां नजर आतीं पुरजोर।अपनी बुराइयों का विशालपुतला जलाएं।आओ इस बारकुछ ऐसेदशहरा मनाएं। - डॉ. सेवा नंदवाल...