जरा ठीक से देखो बेटेपानी नहीं नहानी मेंतुमको आज नहाना होगाएक लोटे भर पानी में।नहीं बचा धरती पर पानीबहा व्यर्थ बेईमानी मेंखूब मिटाया हमने-तुमनेपानी यूं नादानी में।बीस बाल्टी पानी सिर परडाला भरी जवानी मेंपानी को जी भर के फेंकाबिना बचारे पानी में।ढेर-ढेर पानी मिलता थासबको कौड़ी-कानी मेंअब तो पानी मोल...